मैगी के दो नमूने जांच में फेल होने के बाद इसे बनाने वाली कंपनी नेस्ले और दो विक्रेताओं के खिलाफ बाराबंकी की अपर जिलाधिकारी की अदालत में बुधवार को केस दर्ज किया गया है।
नमूनों में भस्म (ऐश) की मात्रा मानक (एक फीसदी) से ज्यादा पाई गई है। नमूने 2015 में फतेहपुर कस्बे से लिए गए थे।
एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि सुनवाई के लिए नेस्ले कंपनी तथा दोनों विक्रेताओं को नोटिस जारी किया जाएगा।