बाराबंकी। फर्जी प्रपत्र तैयार कर विभिन्न मामलों में लोगों को जमानत दिलवाने के प्रकरण में शहर कोतवाली में दरोगा की तहरीर पर पांच अधिवक्ताओं समेत 23 लोगों के खिलाफ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की नकली प्रति बनाने, धोखाधड़ी व सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया गया है। जल्द ही पता लगेगा कि कितने लोगों को गैरकानूनी तरीके से जमानत दिलाई गई।
दरोगा रणजीत सिंह यादव द्वारा शहर कोतवाली में दी गई तहरीर के जरिये कहा गया है कि जिला स्तर पर आपसी मिलीभगत से विभिन्न मुकदमों के कई अभियुक्तों की जमानत लेने वाले गिरोह के खिलाफ सीओ फतेहपुर से जांच कराई गई थी।
जांच में शहर कोतवाली व जहांगीराबाद थाने में जमानतदार सत्यापन रजिस्टरों का अवलोकन किया गया तो इसका खुलासा हुआ। इसके मुख्य सूत्रधार जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के मंझपुरवा निवासी अब्दुल सलाम उर्फ पउवा, हसरा गांव के मनोज कुमार, जहांगीराबाद के मेराज अहमद व रफीक, शहर कोतवाली के मंझपुरवा निवासी दिनेश चंद्र व बंकी के विक्रम सिंह हैं।
दरोगा का आरोप है कि इन लोगों ने अपने समूह के सदस्यों व जमानतदार जहांगीराबाद के निगरी निवासी विनोद कुमार, मैगलपुर के देशराज तथा श्यामलाल, हसरा मजरे निगरी गांव के मुस्ताक, पिंटू पता अज्ञात, शहर के अजीमनगर निवासी पीर मोहम्मद, मंझपुरवा जहांगीराबाद निवासी राजकुमार, करनगांव निवासी रामचंद्र, एडवोकेट तिवारी पप्पू, रामसनेहीघाट निवासी एडवोकेट जोग्गीलाल, मोहम्मदपुर बंकी के रामचन्दर, शहर के ग्रीडगंज निवासी बबलू कुमार, बड़ेल निवासी एडवोकेट शकील, उत्तर टोला बंकी के भोला व वकील राहुल मौर्य तथा कचेहरी में संचालित जनता स्टूडियो के साथ कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर फर्जीवाड़ा किए जा रहे हैं।
शहर कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि 23 लोगों के खिलाफ केस पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
जहांगीराबाद थाने की फर्जी रिपोर्ट मिली
अधिकारियों के अनुसार जमानत के एक मामले में जहांगीराबाद थाने की फर्जी रिपोर्ट लगी पाई गई जबकि वहां के थाना प्रभारी ने हस्ताक्षर तक नहीं किए। इतना ही नहीं, कुछ और लोगों ने भी धोडाधड़ी कर कई अभियुक्तों की जमानत ली है।
साक्ष्य जुटा रही है पुलिस
फर्जी प्रपत्र तैयार कर जमानत कराने के मामले में दरोगा की तहरीर पर शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। विवेचना शुरू कर दी गई है।
- दिनेश कुमार सिंह, एसपी