सिद्धौर। बाराबंकी-हैदरगढ़ राजमार्ग पर सोमवार दोपहर कोठी के असदामऊ गांव के पास तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से चबूतरे पर खेल रहे चार बच्चे घायल हो गए। इनमें रामकल्याण के 11 वर्षीय पुत्र रौनक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य बच्चे और कार चालक घायल हुए हैं। दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, शहर के सोमैयानगर निवासी राजीव कुमार अवस्थी कार से बाराबंकी से हैदरगढ़ की ओर जा रहे थे। असदामऊ गांव के पास अचानक कार अनियंत्रित होकर लहराते हुए सड़क की दाहिनी ओर चली गई। इसके बाद पीपल के पेड़ के चबूतरे पर खेल रहे बच्चों को रौंदते हुए पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि चबूतरे की ईंटें बिखर गईं। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में श्रवण यादव का नौ वर्षीय पुत्र आयुष, अमरेश यादव का 11 वर्षीय पुत्र रौनक, रामकैलाश का आठ वर्षीय पुत्र अंश, रामकल्याण का 11 वर्षीय पुत्र रौनक और कार चालक राजीव कुमार अवस्थी घायल हो गए। पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी कोठी पहुंचाया। वहां से गंभीर हालत में अंश, रौनक और चालक को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
बाद में तीनों को लखनऊ के केजीएमयू ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान रामकल्याण के पुत्र रौनक की मौत हो गई। सीओ हैदरगढ़ समीर सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज चल रहा है। हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
खून से लथपथ हुए बच्चे, गांव में मातम
हादसे में किसी बच्चे के पैर और जांघ की हड्डियां टूट गईं तो किसी के सिर में गंभीर चोट आई। खून से लथपथ बच्चों को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर लोग सन्न रह गए। रोते-बिलखते परिजनों को देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। रौनक के शव का लखनऊ में पोस्टमार्टम होने के बाद घर पहुंचने का इंतजार गांव में शाम तक होता रहा।
असदामऊ गांव में सड़क किनारे दुर्टनाग्रस्त कार व क्षतिग्रस्त चबूतरा देखते पुलिसकर्मी।
असदामऊ गांव में सड़क किनारे दुर्टनाग्रस्त कार व क्षतिग्रस्त चबूतरा देखते पुलिसकर्मी।