बाराबंकी। कोठी क्षेत्र में दबंगों ने मां-बेटी की पिटाई कर दीवार ढह दी। गंभीर रूप से घायल मां-बेटी इलाज और कार्रवाई के लिए दिन भर परिवार के साथ भटकती रहीं। कोठी पुलिस ने कहा कि तहरीर से चेन लूट की बात नहीं हटी तो केस दर्ज नहीं होगा। शाम तक मामला कप्तान तक पहुंचा तो उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीओ हैदरगढ़ से कराने की बात कही। उधर दहशतजदा परिवार गांव से चला गया है।
जानकारी के अनुसार सरसा गांव निवासी अमरेश सिंह का भाई अशोक सिंह से बिजली का तार लगाने को लेकर विवाद चल रहा था। बिजली विभाग के अभियंता शनिवार को इस मामले की जांच करने गांव गए थे। उस समय अमरेश की पत्नी अपनी तीन पुत्रियों के साथ घर में थी। रविवार की सुबह दबंग अशोक आदि ने अमरेश की पत्नी कमलेश, उसकी पुत्री पूनम सिंह, खुशी और रुचि की जमकर पिटाई कर दी। गर्भवती रुचि पिटाई की वजह से बेहोश हो गई।
गंभीर रूप से घायल मां-बेटी किसी तरह जिला अस्पताल पहुंचीं जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
जिला महिला अस्पताल में पुलिस के आने तक इलाज करने से मना कर दिया गया। रुचि काफी देर तक वहां तड़पती रही, परिवारीजन कोतवाली नगर पहुंचे तो उन्हें कोठी थाने का मामला बताकर वहां जाने के लिए कहकर टाल दिया गया।
किसी तरह कोठी थाने पहुंचीं पीड़ित ने तहरीर दी तो वहां पुलिस के तेवर पहले से उल्टा थे। पुलिस ने पीड़ित परिवार पर मारपीट का आरोप जड़ दिया। इस दौरान दबंगों ने पीड़ित परिवार के घर की दीवार गिरा दी लेकिन पुलिस इस पूरी घटना पर पसीजी नहीं और उलटे यह कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया कि सोने की चेन छीनने की बात तहरीर से हटाओ तभी मुकदमा दर्ज होगा।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वह पहले कोठी थाने पहुंचा लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई तो शहर कोतवाली के महिला हेल्प डेस्क पहुंचकर शिकायत की लेकिन वहां से भी वापस कर दिया गया जबकि एसपी जिले में महिला थाना चलो अभियान चलवाने का दावा करते हैं। थानों में पुलिस महिलाओं की किस तरह से सुनवाई कर रही है, यह देखने वाला कोई नहीं है। पीड़ित परिवार जिला मुख्यालय पर अफसरों के यहां भी गया लेकिन रविवार होने के चलते पुलिस के अफसरों ने परिवार से मिलने से ही इंकार कर दिया व अगले दिन आने की नसीहत दे डाली।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि कोठी थाना क्षेत्र के सरसा गांव में दो सगे भाइयों के बीच का विवाद है। इस मामले में सीओ हैदरगढ़ से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आएगी तो पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी।