बाराबंकी। प्रदेश की प्रजनन की औसत दर 2.4 व देश की 1.9 प्रतिशत है, लेकिन बाराबंकी जिले की प्रजनन दर्ज इन दोनों से अधिक 2.7 प्रतिशत है। ये आंकड़े चिंता की घंटी बजा रहे हैं। अब जनसंख्या नियंत्रण को लेकर तेजी से काम करने की जरूरत है। सभी के प्रयास से ही इस पर अंकुश लगेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर प्रेस-कांफ्रेस कर जिले के हालात पर खुलकर बात की। वहीं, कलेक्ट्रेट में डीएम शशांक त्रिपाठी ने जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर बैठक भी की।
सीएमओ डॉ. अवेधश कुमार यादव ने बताया कि प्रेसवार्ता में बताया कि बाराबंकी की प्रजनन दर पूरे देश व प्रदेश की औसत प्रजनन दर से अधिक पहुंच चुकी है, जो साफ तौर पर संकेत देती है कि यहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। अब इसके नियंत्रण को लेकर और भी तेजी से काम करने की जरूरत है।
बढ़ती जनसंख्या से संसाधनों की कमी तो होगी ही साथ ही यह प्रदेश के आंकड़ों को प्रभावित करेगी। इसके लिए हमें जागरूक होना होगा और परिवार नियोजन को लेकर अपनाए जा रहे साधनों का प्रयोग करना होगा। इससे पहले कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में डीएम शशांक त्रिपाठी और सीडीओ अन्ना सुदन की अध्यक्षता में वर्किंग ग्रुप की बैठक हुई।
डीएम ने जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो हैदरगढ़, निंदूरा और देवा के 150 गांवों में जाकर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करेगी। सीडीओ ने इतनी भी क्या जल्दी है कैंपेन लॉन्च किया।