बाराबंकी। राजधानी लखनऊ के सबसे निकट वाली बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र की जनता को मंगलवार को सांसद के रूप में एक नया चेहरा मिलेगा। अब तक हुए 17 लोकसभा चुनाव मेें मतदाताओं ने 10 नेताओं को ही अपना सांसद चुन कर लोकसभा भेजा है। इसमें कोई चार बार, कोई तीन बार तो कोई दो बार चुना गया। अब 18वें चुनाव की मतगणना के बाद मंगलवार को जीतने वाले 11वें प्रत्याशी का चेहरा सांसद के रूप में सामने होगा। चुनाव परिणाम कुछ भी हो लेकिन यह तय है कि कई पुराने रिकार्ड ध्वस्त होंगे।
पांचवें चरण में 20 मई को बाराबंकी सीट पर प्रदेश में सबसे अधिक 67.20 प्रतिशत मतदान करके यहां की जनता ने यह साबित कर दिया है कि देश की सबसे बड़ी पंचायत के सदस्य को चुनने के प्रति वह पूरी तरह गंभीर है। जिले के पहले सांसद कांग्रेस के मोहनलाल सक्सेना रहे हैं। लेकिन इसके बाद समाजवादी नेता रामसेवक यादव ने 1957 से 1967 तक लगातार तीन बार सांसद चुने गए। 1989 में जनता दल से रामसागर रावत ने पहली बार जीत दर्ज करने के बाद लगातार तीन बार जीत हासिल कर हैट्रिक मारी।
कमला प्रसाद रावत भी यहां से दो बार सांसद हुए। वर्ष 2014 में सांसद चुनी गई प्रियंका रावत जिले की एकमात्र महिला सांसद रही हैं। कुल मिलाकर बीते 17 चुनावों में 10 नेताओं के जिम्मे ही संसद की नुमाइदगी रही है। इस बार सीधा मुकाबला भाजपा की राजरानी व इंडी गठबंधन के तहत कांग्रेस उम्मीदवार तनुज पुनिया के बीच है। यदि भाजपा जीती को इस सीट पर राजरानी दूसरी महिला सांसद होंगी। साथ ही भाजपा जीत की हैट्रिक भी लगाएगी। जबकि कांग्रेस जीती तो जिले में पहली बार पिता के बाद पुत्र भी एक ही सीट पर सांसद बनेगा। (संवाद)
एक नजर अब तक चुने गए सांसदों पर
1952- मोहनलाल सक्सेना, कांग्रेस
1957-रामसवेक यादव, सोशलिस्ट पार्टी1962-रामसवेक यादव, सोशलिस्ट पार्टी
1967- रामसवेक यादव, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी
1971- कुंवर रुद्र प्रताप सिंह, कांग्रेस
1977- रामकिंकर, भारतीय लोकदल
1980- रामकिंकर, जनता पार्टी सेक्यूलर
1984- कमला प्रसाद, कांग्रेस
1989- रामसागर रावत, जनता दल
1991- रामसागर रावत, झापा
1996- रामसागर रावत, सपा
1998- बैजनाथ रावत, भाजपा
1999- रामसागर रावत, सपा
2004- कमला प्रसाद, बसपा
2009- पीएल पुनिया, कांग्रेस
2014- प्रियंका सिंह रावत, भाजपा
2019- उपेंद्र सिंह रावत- भाजपा
2024- आज आएगा परिणाम
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