यूपी के बाराबंकी में सोमवार को सुबह से ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हर ओर लगे जाम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। परीक्षार्थी, छात्र-छात्राएं, यात्री और आम नागरिक घंटों तक फंसे रहे। हालत यह हो गई कि पूरा शहर जाम से कराह उठा। मुख्य चौराहों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं एंबुलेंस तक जाम में फंसी रहीं।
इस जाम का सबसे ज्यादा असर मरीजों और दैनिक यात्रियों पर पड़ा। एंबुलेंस में मरीज दर्द से कराहते रहे, लेकिन आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं मिला। जिन यात्रियों को ट्रेन या बस पकड़नी थी, वे समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके। स्कूली बच्चे और कोचिंग जाने वाले छात्र भी देरी से पहुंचे।
यातायात व्यवस्था बिगड़ने के बावजूद शहर में यातायात पुलिस नजर नहीं आई। न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस अव्यवस्था को सुधारने की कोशिश की। भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रकों और बसों की आवाजाही से जाम की स्थिति और भयावह हो गई।
सोमवार को जाम की स्थिति और अधिक खराब हो गई जब कांवड़ियों का बड़ा जत्था लोधेश्वर महादेव जाने के लिए हाईवे से होते हुए शहर की ओर बढ़ने लगा। सैकड़ो कांवड़ियों की एक साथ मौजूदगी से पहले से ही प्रभावित यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
इस दौरान यातायात पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में असफल रही। सड़क पर श्रद्धालुओं और वाहनों की भारी भीड़ के कारण हाईवे और शहर के संपर्क मार्गों पर लंबा जाम लग गया। बाराबंकी में सोमवार को भारी वाहन, ई-रिक्शा और कांवड़ियों के जत्थे ने स्थिति को और जटिल बना दिया।