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ऑटो लिफ्टर गैंग का खुलासा, तीन दबोचे

Sat, 04 Mar 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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ऑटो लिफ्टर गैंग का खुलासा, तीन दबोचे - फोटो : अमर उजाला
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एआरटीओ दफ्तर में चल रहे गोरखधंधे का कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ऑटो लिफ्टर गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से चोरी की पांच बाइक, लखनऊ व बाराबंकी एआरटीओ की फर्जी मोहर व फर्जी कागजात बरामद किया है।
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आरोपी बाइक चोरी करने के बाद एआरटीओ कर्मचारियों से मिलीभगत कर उनके फर्जी कागजात बनाकर सस्ते दामों में बाइक बेंच देते थे। गिरोह का सरगना अभी फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। यह जानकारी एसपी वैभव कृष्ण ने शनिवार आयोजित प्रेस वार्ता में दी। 

एसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच व कोतवाली नगर पुलिस ने एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी) दफ्तर में चल रहे गोरखधंधे का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े हैं जिनमें जगतपाल रावत पुत्र सुंदरलाल निवासी चांदपुरवा थाना जैदपुर, संजय यादव पुत्र रामसजीवन यादव निवासी ग्राम भवानीपुर कोतवाली बदोसराय व राहुल वर्मा पुत्र गया प्रसाद वर्मा निवासी मानपुर डिहवा थाना जैदपुर शामिल हैं।
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पुलिस ने इनके पास से चोरी की पांच बाइक, लखनऊ व बाराबंकी एआरटीओ की फर्जी मोहर व फर्जी कागजात बरामद किए हैं। जबकि इनके गिरोह का सरगना शहर के गोकुलनगर निवासी अभिनव दीक्षित पुत्र हरिशंकर दीक्षित मौके से भाग निकला है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी समेत कई धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से वह जेल भेजे गए हैं।

एआरटीओ कर्मियों पर होगी कार्रवाई 
आरोपियों के पास से लखनऊ व बाराबंकी के एआरटीओ की मोहर व बाइक की आरसी में प्रयोग किए जाने वाले कागजात व बीमा कंपनी की नकली मोहर भी मिले हैं। आरसी बनाने में जो कागजात इस्तेमाल होते हैं वह इन आरोपियों के पास से कार्यालय के किसी कर्मचारी की मिलीभगत से ही पहुंचते हैं। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है और इसमें जो भी कर्मचारी शामिल मिलेगा उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -वैभव कृष्ण, एसपी         

तीन साल से चल रहा कारोबार                  
जिले के एआरटीओ दफ्तर में यह फर्जीवाड़ा पिछले तीन साल से चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों ने इस बात का खुलासा किया है। पुलिस की मानें तो यह आरोपी इतने दिन में दर्जनों बाइकें चोरी कर फर्जी कागजात लगाने के बाद बेंच चुके हैं। इतने बड़े जालसाजी में कार्यालय के कर्मचारियों के साथ अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ सकती है। पकड़े गए आरोपी कंप्यूटर से नकली आरसी असली की तरह बना देते थे।                  
           
पुलिस टीम पुरस्कृत                  
इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल क्राइम ब्रांच के रत्नेश सिंह, सुनील सिंह, परशुराम ओझा, संतोष सिंह, बृजनाथ द्विवेदी, रमेश उपाध्याय, शमीम अख्तर, शैलेंद्र सिंह, साजिद खान, इदरीश खान आदि पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार का पुरस्कार दिया है।
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