बाराबंकी। आशा बहू स्वास्थ्य समिति की एक बैठक सोमवार को देवा रोड स्थित गांधी ट्रस्ट में आयोजित की गई। जिसमें आशा बहुओं के बकाया मानदेय का मुद्दा छाया रहा। बैठक के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में आशाओं और संगिनियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा बहुओं से कई प्रकार के कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उनका उचित भुगतान नहीं किया जाता। कहा, राज्य बजट से मिलने वाले 1,500 रुपये के मानदेय का पिछले दो महीनों से भुगतान नहीं हुआ है। मार्च 2025 से विभिन्न कार्यों का भुगतान लंबित है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव (डिलीवरी) के नाम पर मरीजों से तीन से पांच हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने इस अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जेएसवाई, टीकाकरण, पल्स पोलियो, आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाने जैसे कार्यों का बकाया पैसा जल्द दिलाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रेमलता, रामकली, मिथलेश, निशा वर्मा, मुन्नी देवी, शकुंतला, सरोज वर्मा, मंजू देवी और मीना कुमारी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।