बाराबंकी। बाइक सवार तीन बदमाशों पर लूट का आरोप लगाने वाले सराफा भाइयों ने ही लूट की फर्जी घटना की साजिश रची थी। मामले की जांच में इस बात का खुलासा होने पर पुलिस ने दोनों को जेल भेजा है।
एएसपी दक्षिणी मनोज पांडेय ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि हैदरगढ़ में कोतवाली के लाही गांव के पास बीती 28 अगस्त को दिलीप कुमार सोनी ने पुलिस को लूट होने की सूचना दी थी। इनके मुताबिक नेरथुआ मोड़ से सराफा दुकान बंद करके भाई दीपक कुमार सोनी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
गांव के रास्ते पर शराब ठेके से आगे बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से धक्का देकर गिरा दिया। बदमाशों के फायर करने पर गोली लगने से नीचे गिर गए और भाई दीपक को मारपीट कर बैग छीनकर भाग गए। बैग में सोने-चांदी के जेवर सहित नकद 50 हजार रुपए थे जो बदमाशों द्वारा लूट लिए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच में लूट की घटना फर्जी पाई गई है।
सीओ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि सराफ की कोई दुकान नहीं है। वह परिवार के अन्य लोगों से जेवर लेकर बेचने का काम करते हैं। बाइक भी सराफा भाइयों के पास से बरामद हुई और 50 हजार रुपए उधार लिए जाने की बात भी झूठ निकली। पुलिस ने दोनों भाइयों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस की माने तो इन दोनों ने उधारी की रकम चुकाना न पड़े इसके लिए यह प्लान तैयार किया था।