बाराबंकी। सरयू (घाघरा) नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव को लेकर जिले में पांच नई परियोजनाओं को शासन ने मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं पहले से चल रही चार परियोजनाओं से अलग हैं। इन पांचों परियोजनाओं को पूरा करने के लिए करीब 44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन कार्य होगा तो तटबंधों को मजबूत किया जाएगा। स्पर भी बनाए जाएंगे। यह कार्य सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की मैकेनिकल विंग पूरा कराएगी।
पहली परियोजना तराई इलाके में ग्राम कोइराइनपुरवा के पास की है। यहां 1139 लाख रुपये की लागत से कटान रोकने व बाढ़ से बचाने के लिए ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन कार्य होगा। इस गांव के लोगों के सिर पर हर साल बाढ़ का खतरा मंडराता है। कटान भी होती है।
दूूसरी परियोजना तेलवारी गांव के पास 1122 लाख रुपये की लागत वाली है। यहां भी ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन कार्य होगा। तीसरी परियोजना एल्गिन ब्रिज के पास बने चलहारी-गनेशपुर तटबंध से संबंधित है। तटबंध के किमी. संख्या 51.740 से किमी. संख्या 52.800 पर सुरक्षात्मक कार्य होंगे। इस परियोजना की लागत 934 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
चौथी परियोजना भी चलहारी-गनेशपुर तटबंध को लेकर है। इसमें किमी. संख्या 47.350 से किमी. संख्या 47.600 तक तटबंध को मजबूत करने के कार्य किए जाएंगे। इस पर 385 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पांचवीं परियोजना जलनिकास योजना के तहत है।
इसमें अलीनगर-रानीमऊ तटबंध को मजबूत करने के लिए स्पर बनाए जाएंगे। इस पर करीब 774 लाख रुपये खर्च होंगे। इन पांचों परियोजनाओं को पूरा करने के लिए फिलहाल करीब 44 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इसकी स्वीकृत करते हुए शुक्रवार को शासन ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता जल को पत्र भेज दिया है।
पहली किस्तों का 63 लाख आवंटित
पांचों परियोजनाओं से संबंधित कार्य जल्द ही प्रारम्भ किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने 15-15 लाख रुपये की तीन, 10 व 8 लाख रुपये की एक-एक किस्त के रूप में 63 लाख रुपये आवंटित भी कर दिए हैं। यह निर्देश दिए गए हैं कि जिले में विधान परिषद सदस्य चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता का पालन भी सुनिश्चित कराया जाय।
सरयू नदी की बाढ़ से संबंधित चार परियोजनाएं पहले से ही बाढ़ खंड के आधीन हैं। इन पर काम चल रहा है। पांच नई परियोजनाओं की जिम्मेदारी मैकेनिकल विंग की है। इसमें ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन का कार्य भी होगा।
-शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़