बाराबंकी। शहर के एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला के कान का पर्दा फट गया। क्लीनिक का पंजीकरण होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए था लेकिन वहां एलोपैथिक इलाज किया जा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर एसीएमओ ने क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह घटना लखनऊ के अनौरा कला गांव निवासी हर्षित की शिकायत से सामने आई। हर्षित ने बताया कि उनकी मां छाया तीन मई को गले में दर्द पर घोसियाना स्थित राहुल के क्लीनिक गई थीं। आरोप है कि डॉक्टर ने गले के बजाय कान की सफाई की, जिससे पर्दा फट गया। महिला को तुरंत चोट की गंभीरता का अहसास नहीं हुआ।
घर लौटने पर असहनीय दर्द होने पर उन्हें लखनऊ के तिवारीगंज के डॉक्टर के पास ले जाया गया। जांच में कान का पर्दा फटा पाया गया और ऑपरेशन की सलाह दी गई। बाद में लोहिया अस्पताल में भी डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीएमओ डॉ. एलबी गुप्ता ने क्लीनिक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि क्लीनिक होम्योपैथिक पंजीकृत था, पर एलोपैथिक दवाएं दी जा रही थीं। यह नियमों का घोर उल्लंघन और गलत इलाज था। एसीएमओ ने बताया कि क्लीनिक संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।