धान लदी ट्रॉलियों के साथ भाकियू के लखनऊ कूच के ऐलान से शुक्रवार शाम प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। किसी तरह आश्वासन देकर उन्हें रातभर असेनी के पास रोका गया। लेकिन शनिवार को किसानों के दबाव के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और करीब सवा सौ ट्रॉलियों पर लदे करीब पांच हजार क्विंटल धान की मंडी परिसर में लगे धर्मकांटे पर तौल कराकर उसकी पर्ची किसानों को दी गई। प्रशासन ने धान का भुगतान जल्द कराने का भरोसा दिया है।
जिले में अधिकारिक रूप से धान खरीद एक नवंबर से शुरू होनी थी। लेकिन धान तैयार होने के कारण किसान परेशान थे। जिसका फायदा बिचौलिए उठा रहे थे। भाकियू नेता का कहना था कि धान खरीद शुरू न होने से किसान बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने का मजबूर हो रहे हैं।
जिले में धान की फसल की कटाई करीब 20 दिनों से चल रही है। लेकिन सरकारी धान खरीद न शुरू होने से किसान बिचौलियों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से फसल बेचने को मजबूर थे। जबकि सरकारी खरीद का रेट 1470 रुपये प्रति क्ंिटल है। जिले में धान खरीद एक नवंबर से शुरू होनी है। जबकि पश्चिम उत्तर प्रदेश में पहले ही खरीद शुरू हो चुकी है।
इसी को लेकर किसान आक्रोशित थे। शुक्रवार को भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के नेतृत्व में करीब एक हजार किसान सवा सौ धान लदी ट्रॉलियों के साथ लखनऊ कूच का ऐलान किया तो जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। प्रशासन ने इन्हें असेनी मोड़ से आगे नहीं जाने दिया।
जिससे नाराज किसान वहीं पर धान से लदी ट्रॉलियां लेकर प्रदर्शन करने लगे। शनिवार सुबह प्रांतीय महासचिव और अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह के बीच वार्ता हुई लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं थे। जिसके बाद प्रशासन को उनके आगे हथियार डालने पड़े। इसके बाद असेनी मोड़ से किसान धान लदी ट्रालियां लेकर मंडी पहुंचे। जहां धान की तौल कराकर उसकी पर्ची किसानों को दी गई।
शनिवार को करीब सवा सौ ट्रॉलियों पर करीब पांच हजार क्ंिवटल धान लदा था। जिसकी खरीद मंडी सचिव की निगरानी में हुई। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, अनुपम वर्मा, जितेन्द्र कुमार बब्लू, कुलदीप, हौसिला प्रसाद, रामानंद, रामसजीवन वर्मा, वंशीलाल, बाबादीन, मुन्नालाल धीमान आदि मौजूद रहे।
कल प्रमुख सचिव से होगी वार्ता
भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने बताया कि करीब पांच हजार क्विंटल धान मंडी में खरीदा गया है। जिसकी पर्ची किसानों को मिल गई है। कहा कि प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने सोमवार को वार्ता के लिए बुलाया है। जिसमें प्रमुख सचिव के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखा जाएगा। वार्ता में यदि बात बन जाती है धान खरीद शुरू करा दी जाती है तो ठीक है नहीं तो किसानों द्वारा धान खरीद को लेकर जो आंदोलन शुरू किया गया है वह आगे भी जारी रहेगा।
किसानों शुक्रवार को भी समझाने का काफी प्रयास किया गया था लेकिन वह अपनी जिद पर अडे़ हुए थे। शनिवार को किसानों से हुई वार्ता के बाद वह मान गए हैं और धान को नवीन मंडी में डंप करा दिया गया है। धान की खरीद शुरू होने पर इनको प्राथमिकता दी जाएगी।-अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी