बाराबंकी। सरकारी चावल डकारने वाली एक राइस मिल की चल अचल संपत्तियां बेचकर बकाये पैसे की रिकवरी की जाएगी। तमाम प्रयासों के बाद भी राइस मिल मालिक द्वारा बकाया पैसा नहीं जमा किया जा रहा है। मिल मालिक द्वारा बरती जा रही बेरुखी के चलते शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संपत्तियों की रिकवरी करने का आदेश जारी किया है।
फतेहपुर क्षेत्र में रवि एडिबल राइस मिल संचालित की जा रही थी। विपणन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल मिल मालिक द्वारा सरकारी धान की उठान तो कर ली गई, परन्तु सरकारी चावल न देने के कारण इस राइस मिल मालिक पर चावल की देनदारी बढ़कर करीब 851 एमटी हो गई। सरकारी विभाग के अनुसार इस चावल का मूल्य करीब दो करोड़ 61 लाख रुपये बना।
शासन के आदेश और जिलाधिकारी से मिली अनुमति के बाद विपणन शाखा ने बकाया धनराशि जमा कराए जाने का दबाव मिल मालिक पर बनाना शुरू किया। इसके बाद भी मिल मालिक ने बकाया सरकारी चावल का पैसा जमा नहीं किय, बल्कि पैसा जमा न करना पड़े इसके लिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपनाने लगा। काफी प्रयासों के बाद 81 लाख रुपये जमा भी कराते हुए पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया। शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिल मालिक की चल अचल संपत्तियां बेचकर सरकारी पैसा वसूल करने का आदेश जारी किया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि रवि एडिबल राइस मिल पर करीब दो करोड़ 61 लाख रुपये सरकारी चावल की देनदारी है। इसमें से करीब 81 लाख रुपये जमा करा लिया गया है लेकिन अभी भी एक करोड़ 80 लाख रुपया बाकी है। सरकारी पैसे की रिकवरी के आदेश चल अचल संपत्तियों से वसूली करने के आदेश शासन से मिले है। इसके लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेकर आगे की प्रक्रिया शुरु करने की तैयारी चल रही है।