घाघरा नदी द्वारा कटान किए जा रहे कचनापुर गांव का बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम रामनगर के साथ मौके पर पहुंच जायजा। यहां पर उन्होंने पीड़ितों से बातचीत की उनकी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का निर्देश दिया। इसके अलावा नदी में समा चुके प्राथमिक विद्यालय के नई भूमि की तलाश के भी आदेश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया बृहस्पतिवार को एसडीएम रामनगर जयप्रकाश के साथ करीब चार बजे कचनापुर गांव पहुंचे। यहां पर उन्होंने उन पीड़ितों से बात की जिनके घर नदी की कटान की चपेट में आ गए थे। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव की रजिया का घर पूरी तरह से नदी में समा गया है। इसके अलावा नौ और लोग हैं जिनके मकान कटान की चपेट में आ सकते हैं। इन सभी को सुरक्षित स्थान लीलापुरवा में बसाने की तैयारी चल रही है, लेकिन यहां के लोग दुुर्गापुर नौबस्ता में जाने के इच्छुक है। यह स्थल एसडीएम फतेहपुर के अधीन आता है उनसे वार्ता की जाएगी। इसके बाद यदि सहमति बन जाती है तो पीड़ितों को दुर्गापुर नौबस्ता में भी बसाया जा सकता है। नदी के पानी की चपेट में आकर प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। नया विद्यालय बनाने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रजिया की यथा संभव मदद की गई है। इसके अलावा फर्स्ट एड की किट गांव में उपलब्ध करा दी गई है। लोगों को सचेत कर दिया गया है साथ ही ये भी कहा गया है कि यदि किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो वह अपनी बात सीधे बता सकते हैं।