बाराबंकी। गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति की बढ़ती मांग और ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए शहर के तीन प्रमुख उपकेंद्रों बड़ेल, देवा और दुंदपुरवा उपकेंद्रों में अत्याधुनिक तकनीक से युक्त अतिरिक्त सर्किट ब्रेकर लगाए जाएंगे। इससे ओवरलोड, ग्राउंड फॉल्ट और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं को स्वचालित रूप से रोककर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसका सीधा फायदा शहर समेत करीब दो सौ गांवों की आबादी को मिलेगा।
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही लाइन फॉल्ट व ओवरलोड के कारण जंपर फूंकने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को अघोषित तौर पर होने वाली बिजली कटौती की परेशानी से जूझना पड़ता है। उपकेंद्रों पर अतिरिक्त सर्किट ब्रेकर लगने से ओवरलोड की स्थिति में सिस्टम सुरक्षित तरीके से बंद हो जाने के कारण नुकसान की संभावना काफी कम हो जाएगी।
अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि सर्किट ब्रेकर एक महत्वपूर्ण विद्युत सुरक्षा उपकरण है, जो जरूरत पड़ने पर आपूर्ति को तुरंत बाधित कर संभावित खतरों को रोकता है। जगह की कमी के कारण इस कार्य के क्रियान्वयन में देरी हो रही थी लेकिन अब सिविल इंजीनियरों के साथ बैठक के बाद तीनों उपकेंद्रों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है। सर्किट ब्रेकर लगाने और उपकेंद्रों के विस्तार से विद्युत सप्लाई की व्यवस्था को फाल्ट रहित बनाने से गर्मी में भी उपभोक्ताओं को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बताया कि तीनों उपकेंद्रों पर अतिरिक्त सर्किट ब्रेकर लगाने का कार्य गर्मी शुरू होने से पहले ही पूरा कराने का लक्ष्य है।