बाराबंकी। दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा के साथ भगवान को अर्घ्य समर्पित किया गया। सरावगी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जुटे श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को 24 तीर्थंकर भगवान का केसर मिश्रित जल से अभिषेक किया। इसके बाद मुनि सुव्रतनाथ भगवान के मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इस अवसर पर शाम को महिलाओं नेे 108 दीपों से आरती की।
इसके बाद रोली और रीना गंगवाल द्वारा तीर्थंकर हमारी शान चिन्ह से पहचान तंबोला का आयोजन किया गया। फतेहपुर कस्बे के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, महावीर चैत्यालय व कस्बा बेलहरा के श्रीचंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बृहस्पतिवार को त्याग धर्म मनाया गया। इस मौके पर जुटे श्रद्धालुओं ने चौबीसी विधान की पूजा की। मनोज जैन शास्त्री ने कहा कि वर्तमान में युवा आसानी से दुर्व्यसन की गिरफ्त में फंस कर गलत कार्य करने लगते हैं। जिससे उनके साथ ही उनके परिवार को भी समाज में अपमानित होना पड़ता है।
युवाओं से अपील की कि वह अपने दुर्व्यसनों का त्याग कर जैन धर्म के दशक्षण धर्म का पालन करें। सुबह अभिषेक शांतिधारा उमंग जैन, विपिन जैन ने किया। शाम को तंबोला धमाल प्रतियोगिता रचना जैन, अर्चना जैन, द्वारा आयोजित की गई। जिसमें विजेता प्रतिभागी उर्वशी, श्रेया, मेहुल, सुजाता, स्तुति जैन को पुरस्कृत देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर संदीप जैन, टीनू जैन, पंकज जैन, ऋषभ, अनमोल, सचिन, आशीष, उदय, उमंग जैन, तरंग आदि मौजूद रहे।