बाराबंकी। लखनऊ के कारोबारी को बाजार से भी सस्ते दाम पर अमेरिकन डॉलर दिलाने का झांसा देकर शातिरों ने बाराबंकी बुलाया और कार में बैठाने के बाद उसके पास मौजूद 25 लाख रुपये से भरा बैग लूट कर फरार हो गए। लूटपाट करने वालों में एक आरोपी दरोगा की वर्दी पहने था। बृहस्पतिवार सुबह शहर कोतवाली में तीन लोगों को नामजद करते हुए कथित दरोगा समेत सात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने बाराबंकी से लेकर लखनऊ तक छानबीन करते हुए दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। लखनऊ के नाका हिंडोला विजयनगर निवासी गुरमीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके मित्र अभिषेक सिंह के जरिए आलोक सिंह नामक व्यक्ति से बाजार भाव से सस्ते रेट पर अमेरिकन डॉलर खरीदने की बात हुई थी। आलोक के साथी शाहिद, एजाज और रामसेवक ने इसके लिए लखनऊ में कई बार उनसे संपर्क किया।
30 अगस्त को एजाज और रामसेवक ने उन्हें 25 लाख रुपये एडवांस के साथ बाराबंकी के बड़ेल इलाके में बुलाया। गुरमीत अर्जुनगंज निवासी मित्र ज्ञानेंद्र सिंह के साथ पैसे लेकर बड़ेल के पास पहुंचे। वहां कार सवार शाहिद, एजाज और रामसेवक ने उन पर रुपये दिखाने का दबाव बनाया। गुरमीत ने बताया कि बैग में रखे 25 लाख रुपये दिखाने के बाद रामसेवक और एजाज उन्हें अपनी कार में बैठाकर डाॅलर देने की बात कहते हुए लखनऊ के होटल जीबीआर ग्रैंड गोमती के पास ले कर पहुंचे।
वहां एक सफेद रेनॉल्ट ट्राइबर कार में सवार वर्दी पहने दरोगा के साथ तीन अन्य लोग मिले। उन्होंने गुरमीत व ज्ञानेंद्र को इस सफेद गाड़ी में बैठा लिया। गाड़ी में बैठते ही रामसेवक ने गुरमीत पर पिस्तौल तानते हुए रुपयों से भरा बैग छीन लिया। गुरमीत इस घटना से इस हद तक दहशत में आ गए कि तुरंत पुलिस से संपर्क करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
बुधवार देर शाम उन्होंने शहर कोतवाली पहुंचकर पूरी आपबीती पुलिस को बताई। एएसपी उत्तरी विकासचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ के कारोबारी से 25 लाख की लूट का केस शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। एसटीएफ पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा। घटना को लेकर एसटीएफ की एक टीम भी बृहस्पतिवार को बाराबंकी पहुंची। सूत्रों के अनुसार बाराबंकी पुलिस से इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने बड़ेल के पास लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर छानबीन करने के बाद दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए भी उठाया है।