मनगर/फतेहपुर (बाराबंकी)। सावन के पहले सोमवार के मौके पर शिवनगरी महादेवा में आस्था ज्वार उमड़ पड़ा है। एक दिन पहले रविवार को पेरे दिन हजारों भक्त नंगे पांव, भक्ति और उत्साह से लबरेज अपने आराध्य भगवान लोधेश्वर महादेव की एक झलक पाने और जलाभिषेक के लिए सड़कों पर आगे बढ़ते रहे। रात सवा 12 बजे कपाट खुलने की घोषणा से शिवभक्तों की कतार लग गई। वहीं, फतेहपुर के बद्दूपुर क्षेत्र स्थित भगौली तीर्थ पर रविवार को सुबह से ही कांवड़िये जलाभिषेक के बाद महादेवा के लिए रवाना हुए।
सावन शुरू होते ही महादेवा का पारंपरिक मेला शुरू हो चुका है। उत्तर भारत के कई प्रांतों व जिलों से श्रद्धालु एक दिन पहले ही पहुंचने शुरू हो गए। लखनऊ-अयोध्या हाईवे हो या फतेहपुर रामनगर मार्ग, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और युवा हर आयु वर्ग के लोग नंगे पांव चलते हुए महादेवा की नगरी की ओर बढ़ते दिखे। कहीं रास्ते में भक्त नृत्य करते तो कहीं श्रद्धालु सिर पर जल की कांवड़ संभाले शांत भाव से आगे बढ़ते नजर आए। सड़कों पर जयकारे गूंजते रहे। महादेवा मंदिर के पुजारी वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि आधी रात से पहले ही भक्तों की भारी भीड़ जमा हाे चुकी थी। सीओ गरिमा पंत ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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एक किमी के दायरे को नो व्हीकल जोन घोषित
प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस बार बीते वर्षों की तुलना में कहीं ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसके चलते मंदिर के एक किमी के दायरे को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। एसडीएम विवेक शील ने बताया कि सोमवार आधी रात तक महादेवा मेला क्षेत्र में किसी भी वाहन की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, ताकि श्रद्धालु पैदल ही मंदिर पहुंच सकें। वहीं, एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में छह सीओ समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
रूट डायवर्जन से भीड़ नियंत्रण
महादेवा की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन भी लागू कर दिया गया है। बड्डूपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि फतेहपुर कस्बे के पटेल चौराहे से रामनगर, सूरतगंज और बेलहरा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को देवा की तरफ डायवर्ट किया गया है।