जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अपना पक्ष रखते सदस्य
बाराबंकी। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। धान खरीद में बिचौलियों की दखल के आरोपों पर समाजवादी पार्टी के विधायकों के आरोपों का राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने दो टूक जवाब दिया। जिला पंचायत के सदस्य व भाकियू नेता राम बरन वर्मा ने डिप्टी आरएमओ को निशाने पर लेते हुए जमकर हमला बोला।
सपा के सदर विधायक धर्मराज यादव ने कहा कि धान खरीद में बहुत भ्रष्टाचार हुआ है। आधार किसी का और खतौनी किसी दूसरे की है। इस पर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि विधायक जी आप लिखकर दीजिए, पूरी जांच होगी। आपकी तत्कालीन सपा सरकार में न तो ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था थी और न ही पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण करने के बाद सत्यापन होता था। भाजपा सरकार में थंब पंचिंग व आई स्कैनिंग की व्यवस्था की गई। सपा के जैदपुर विधायक गौरव रावत ने भी धान खरीद में धांधली के आरोप लगाए। कहा कि किसानों के बजाए बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। प्रमुख सचिव तक शिकायत की गई, लेकिन जांच नहीं कराई जा रही।
कोठी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जंग बहादुर पटेल के पुत्र की दो माह पहले शहर के सुमन हॉस्पिटल में हुई मौत मामले की दोबारा जांच की मांग भी उठी। अध्यक्ष राजरानी रावत ने जांच के निर्देश सीएमओ को दिया। सदस्य ने बताया कि उनके पुत्र को हेड एंजरी हुई थी, लेकिन इलाज में इसका कोई हवाला नहीं दिया गया।
हंगामेदार माहौल के बावजूद बैठक में विकास कार्यों को लेकर अहम फैसले भी लिए गए। बोर्ड ने करीब 74.50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। साथ ही खनिज परिवहन उपविधि को सर्वसम्मति से लागू कर दिया गया। इस उपविधि के तहत अब जिला पंचायत प्रशासन नदियों के बालू, मछली व मिट्टी के खनन से जुड़े ठेकों पर सीधा नियंत्रण रखेगा। बैठक में एमएलसी अंगद सिंह, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत समेत अन्य मौजूद रहे। संवाद