देवां (बाराबंकी)। देवां महोत्सव की तैयारियों में इस बार पहले जैसी बात नजर नहीं आ रही है। व्यवस्था मेें लगे लोग बस जैसे-तैसे अपने जिम्मे का काम निपटा रहे हैं। तो वहीं मेला समिति के कर्मचारियों का सारा ध्यान मोटी कमाई का जरिया माने जाने वाले भूमि आवंटन पर है। कौन बड़ा दुकानदार आ रहा है और किस भूमि की ज्यादा मांग है। इसको लेकर गुपचुप ढंग से मोलभाव होने की चर्चा है।
20 अक्तूबर से शुरू होने वाले देवां महोत्सव की तैयारियां इस बार पिछड़ गई हैं। इस बार महोत्सव की व्यवस्था में लगे लोग जैसे-तैसे काम निपटाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। महोत्सव परिसर पर यदि नजर डालें, तो पूरा परिसर गंदगी की चपेट मेें है। मेला शुरू होने में मात्र सात दिन शेष हैं और ऐसे में पशु बाजारों से लेकर बक्सा बाजार, बिसातखाना वाली गली, चूड़ी वाली गली, मनारंजन गली, एजाजरसूल गेट आदि के आस-पास सफाई नहीं हुई। मेला समिति को लाखों की आमदनी कराने वाले देवां मेला गधा बाजार में जानवरों की आमद शुरु हो गई है। लेकिन इस गधा बाजार में न सफाई है और न ही बिजली। व्यापारी असलम, मुन्ना, गनेशी कहते हैं कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है मगर रात में मच्छर व चोरों के डर से नींद नहीं आती। पूरी रात जागकर काटनी पड़ रही है। देवां मेला एवं प्रदर्शनी समिति के कर्मचारी तो सिर्फ ऊपरी आमदनी का जरिया ढूंढ़ने में लगे हैं। बाहर से आए खजला दुकानदार जगन्नाथ व विनोद से 40 फीट दुकान के 40 हजार रुपये मांगे जाने की बात वह बता रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने कहा कि तैयारियां समय पर पूरी होंगी। पशु व्यापारियों व दुकानदारों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसको दुरुस्त कराया जाएगा।