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परिवहन कर्मियों ने किया बसों का चक्का जाम

Mon, 23 Sep 2013 05:37 AM IST
Barabanki
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बाराबंकी। लखनऊ के मटियारी चौराहे पर रविवार को परिवहन विभाग के एटीआई व टीएस चेकिंग कर रहे थे। तभी वहां पहुंची बाराबंकी डिपो की एक अनुबंधित बस को रोककर वे उसमें चेकिंग करने लगे। बस के चालक और परिचालक का आरोप है कि चेकिंग के दौरान उनके साथ अधिकारियों द्वारा अभद्रता व मारपीट की गई। इसके बाद वे बस लेकर बाराबंकी डिपो पहुंचे और घटना की जानकारी अन्य साथियों को दी। देखते ही देखते संविदा परिचालक संघ, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन व मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष आ गए और जिले भर की 141 बसों के संचालन को बंद करा दिया। जो बस जहां थी वहीं खड़ी कर दी गई। बाराबंकी डिपो की अनुबंधित सभी बसों का चक्का दोपहर 12 बजे से ही जाम हो गया। आंदोलित चालक व परिचालक दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग पर अड़े थे। मौके पर पहुंचे रोडवेज लखनऊ के आरएम द्वारा चार दिन के अंदर जांच के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया तब जाकर वे शांत हुए। शाम करीब पांच बजे बसों का संचालन शुरू हो सका। इस दौरान डिपो को जहां राजस्व का भारी नुकसान हुआ तो वहीं सैकड़ों यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे।
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लखनऊ के मटियारी चौराहे पर रविवार को दिन में करीब 11.30 बजे एटीआई रोडवेज एके सिंह व टीएस संजीव श्रीवास्तव बसों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान वहां बाराबंकी डिपो की एक अनुबंधित बस पहुंची उसमें भी चेकिंग के लिए अधिकारियों ने चालक व परिचालक को बुलाया। बस के चालक धर्मेन्द्र व परिचालक दलजीत का आरोप है कि चेकिंग के दौरान दोनों अधिकारियों ने उनके साथ गाली गलौज व मारपीट की। इसके बाद वह बस लेकर सीधे बाराबंकी डिपो पहुंचे और इस घटना की जानकारी अपने संगठन के पदाधिकारियों को दी। डिपो पर मौजूद संविदा परिचालक संघ के जिलाध्यक्ष अब्बास रजा जैदी, महेंद्र पाल सिंह, अमर सिंह यादव, सईद अनवर, आदर्श जैन, मजदूर सभा के अध्यक्ष सर्वेश कुमार, मनोज बाजपेई, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष अनूप गुप्ता आदि ने अपने साथियों के साथ मिलकर जनपद की सभी अनुबंधित बसों का चक्का जाम करवा दिया। इसके बाद मारपीट करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने व उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग को लेकर डिपो परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन बढ़ने लगा तो करीब एक बजे आरएम लखनऊ राजीव चौहान डिपो पर पहुंच गए और प्रदर्शन कर रहे चालक व परिचालकों से वार्ता करने लगे। करीब चार घंटे तक चली वार्ता के बाद आरएम ने चार दिन में मामले की जांच कराने के बाद दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद शाम करीब पांच बजे बसों का संचालन शुरू किया गया। इस बीच संविदा परिचालक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कलाम भी वहां पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान जिले भर की करीब 141 अनुबंधित बसें सड़क से लेकर परिवहन निगम के डिपो पर खड़ी रही।
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