बाराबंकी। लखनऊ-फैजाबाद बाईपास पर सफेदाबाद के पास ही बाराबंकी के यात्रियों को बस से उतार देने के मामले में की गई विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर राप्ती नगर डिपो की एक बस के चालक व परिचालक को निलंबित कर दिया गया है। मामले की शिकायत सदर विधायक ने परिवहन विभाग के अधिकारी से की थी। निलंबन एआरएम राप्ती नगर डिपो ने किया है।
परिवहन विभाग के एमडी का आदेश है कि लखनऊ से फैजाबाद व गोंडा की ओर आने-जाने वाली बसें बाईपास से न होकर बाराबंकी शहर से गुजरेंगी। परिवहन निगम के चालकों व परिचालकों द्वारा मनमानी करते हुए बसें बाईपास से होते हुए सीधे फैजाबाद की ओर चली जाती हैं। गत आठ सितंबर की रात राप्तीनगर डिपो की बस (यूपी 53बीटी 2809) के चालक व परिचालक ने बाराबंकी आने वाली करीब आठ सवारियों को लखनऊ से बस में बैठाया। उन्हें रात करीब 12 बजे लखनऊ-फैजाबाद हाईवे बाईपास के पास सफेदाबाद के पास उतार दिया। यात्रियों ने विरोध किया तो चालक-परिचालक लड़ने पर आमादा हो गए। शहर से आठ किमी दूरी पर रात में साधन नहीं मिलने पर यात्री भटकते रहे। रात में लखनऊ से बाराबंकी लौट रहे सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव की गाड़ी को परेशान यात्रियों ने रोक कर उन्हें घेर लिया और शिकायत की। उन्होंने परिवहन विभाग के आरएम से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। जांच में चालक व परिचालक दोषी पाए गए। इस पर राप्ती नगर डिपो के एआरएम आरके मंडल ने चालक जगलाल यादव व परिचालक जितेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। आरके मंडल ने बताया कि मामले की शिकायत विधायक सदर बाराबंकी द्वारा की गई थी। मामले की जांच की गई तो पाया कि लखनऊ से बाराबंकी का तो टिकट बनाया गया था पर परिचालक द्वारा बाराबंकी से कोई भी टिकट नहीं बनाया गया था। इससे शिकायत सही पाई गई और चालक व परिचालक दोनों को निलंबित कर दिया गया है। बताया कि एमडी के आदेश हैं कि सभी बसें बाईपास से न होकर बाराबंकी शहर से होकर गुजरेंगी।