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चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश, कहां तुम चले गए...

Sun, 23 Jun 2013 05:30 AM IST
Barabanki
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बाराबंकी। भगवान केदारनाथ के दर्शन को उत्तराखंड गए जिले के कुछ परिवार तो किसी तरह वहां आई आपदा से बचकर निकल आए, कुछ के सकुशल होने की सूचना भी यहां परिवारीजनों तक पहुंच गई लेकिन अभी भी तकरीबन 30 से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इन लापता लोगों के परिवारीजनों का यहां रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी खोज के लिए हेल्पलाइन से लेकर बाकी सारी कोशिशें भी अभी तक नाकाम साबित हुई हैं। जो लोग बचकर वहां से सकुशल घर पहुंच गए उनके चेहरों पर वहां का खौफनाक मंजर अभी तक दिखाई दे रहा है।
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रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र से बारह से ज्यादा लोग केदारनाथ तीर्थ यात्रा पर गये थे जिनमें से छह से अधिक लोगों का कुछ पता नहीं है, तीर्थयात्रियों से उनके परिवारीजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है जिससे परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अखबारों व न्यूज चैनलों पर उत्तराखंड की तबाही का मंजर देख वे लोग किसी अनहोनी के भय से सहमे हुए हैं। रामसनेहीघाट क्षेत्र के चौरी अलादासपुर गांव की रहने वाली चालीस वर्षीय दयावती अपने 27 वर्षीय पुत्र सुरेन्द्र कुमार गौतम के साथ गत तीन जून को रुदौली में रहने वाले पप्पू नामक पंडा की बस से केदारनाथ तीर्थ यात्रा करने के लिए गई थीं। उनका अभी तक कुछ पता नहीं है। मझौटी गांव निवासी सेमई व श्रीभगवान भी रुदौली के पप्पू पंडा के साथ तीन जून को ही बद्रीनाथ केदारनाथ तीर्थ यात्रा पर गये थे और उनका भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। सेमई के पुत्र गंगाराम ने बताया कि पिता से बात करने के लिए कई प्रयास किए लेकिन उनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिस पंडे के साथ गये थे वह भी स्पष्ट नहीं बता रहा है। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र के सवाई मजरे भानपुर गांव निवासी बद्री प्रसाद, महुलारा गांव निवासी निर्मल, रामफेर यादव व उनकी पत्नी हंसराजा, सीताराम व इनकी पत्नी श्रीमती अभी तक तीर्थ यात्रा से घर वापस नहीं लौटे हैं। जरौली गांव निवासी ममता अपने देवर शिवगोपाल को साथ लेकर 11 जून को केदारनाथ धाम तीर्थ यात्रा पर ट्रेन से गई थी, अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे परिवारीजन किसी अनहोनी की आशंका से गमजदा हैं। थाना असंद्रा के नसीपुर मजरे मंझार गांव निवासी पुत्तीलाल व उनकी पत्नी, दीनानाथ शर्मा व उनकी पत्नी का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार यहां से केदारनाथ धाम के लिए एक टीम भी गई थी जिसमें फतेहपुर के करीब 12 लोग शामिल थे। मोहल्ला जोशी टोला निवासी कन्हैया पुत्र नत्था राम, ध्रुव जोशी, पप्पू जोशी, राममिलन, पल्लन, कल्लू आदि केदारनाथ धाम के लिए बस से छह जून को गए थे जिनका पता नहीं चल पा रहा है। उनके साथी तलाश करने उत्तराखंड रवाना हो गए हैं। परिवारीजनों का बुरा हाल है।
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