बाराबंकी। ठंड और कोहरे का कहर थम नहीं रहा है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अलाव जलाकर लोग किसी तरह से ठंड से बचाव कर रहे हैं। ठंड की चपेट में आकर बीमार हुई एक 13 वर्षीया बालिका की हालत बिगड़ने पर परिजन मंगलवार की देर शाम उपचार को ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। दिन का अधिकतम तापमान 21.7 व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्र्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार पेचरुवा निवासी रामकरन की 13 वर्षीया पुत्री सीमा को सोमवार को ठंड लग गई थी। जिसका उपचार निजी डॉक्टर से कराया जा रहा था। मंगलवार की देर शाम हालत बिगड़ गई। रामकरन ने बताया कि निजी डॉक्टर ने ठंड लगने की बात कहकर इलाज भी शुरू किया था लेकिन देर शाम हालत और बिगड़ गई। जिस पर सीएचसी लेकर जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। बालिका की मौत से घर में कोहराम मच गया।
मालूम हो कि पिछले कई दिनाें से पड़ रही ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। दोपहर में भले ही धूप निकल रही हो लेकिन शाम होते ही गलन बढ़ने से लोग बेहाल हो गए हैं। मंगलवार को भी सुबह कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद निकली धूप से थोड़ी राहत मिली। लेकिन शाम होते ही गलन और ठंड बढ़ जाने से लोग घरों में दुबक गए और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। जिसके चलते सुबह के समय वाहन चालक लाइट जलाकर चलते दिखे। ठंड से सबसे अधिक दिक्कतें मजदूर तबके के लोगों को हो रही हैं। प्रशासन द्वारा स्कूलों का समय भले ही 10 बजे कर दिया गया हो लेकिन मजदूरों और रिक्शा चालकों की दुश्वारियां बरकरार हैं। अलाव जलाने के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जलने से लोग निजी साधनाें से लकड़ियां जुटाकर अलाव जलाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं।