जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को लोक सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के नदारद रहने पर इनसे जवाब तलब करने का आदेश दिया है।
बैठक में कराए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति मिलने के साथ ही रकम भी मिल गई है, उन कार्यों पर निर्माण कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने कहा कि सिल्ट उठाने के नाम पर जिन नहरों की पटरियों से मिट्टी उठा ली गई है, इसकी जांच कराई जाए और ऐसा करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए क्योंकि ठेकेदारों ने सिल्ट उठाने के नाम पर पूरी तरह से मनमानी की है।
बैठक में मौजूद न रहने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से जवाब तलब करने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा एक अन्य बैठक में शौचालयों की प्रगति की समीक्षा की गई जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन पंचायतों में शौचालयों के निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है, वहां तत्काल निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएं। इस मौके पर सीडीओ आईएएस मेधा रुपम, सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र व डॉ. रामप्रकाश आदि मौजूद रहे।