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शहर वासियों की सेहत बिगाड़ रही हे जमुरिया नाले की जहरीली हवा

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बाराबंकी। शहर से गुजरने वाला जमुरिया नाला लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। जल प्रदूषण तो हो ही रहा है, इससे निकलने वाली जहरीली गैसें शहर की आबोहवा खराब कर रही हैं। लोगों को इससे खासी दिक्कत हो रही है। नगर का सारा कचरा, गंदा पानी और कारखानों का अपशिष्ट इसी में मिलता है।नाले के किनारे हरित पट्टी में लगे पेड़ अब कट चुके हैं। अंधाधुंध प्लाटिंग व अवैध भवन निर्माण भी हो चुका है।
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वहीं, नाले से फैल रहे प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे जमुरिया किनारे की हरित पट्टी खत्म कर निर्माण करा दिए गए। अब नाले के किनारे बसे लोग हानिकारक गैसों के बीच रहने को मजबूर हैं। नेता, प्रत्याशी से लेकर राजनीतिक दलों ने जमुरिया नाला से उपजी समस्या को मुद्दा बनाना उचित नहीं समझा।


जमुरिया नाला से जहरीली गैसें निकलने की शिकायत पर करीब साढ़े चार महीने पहले विशेषज्ञों की टीम ने जांच पड़ताल की थी। हालत चिंताजनक मिली थी। इसके बाद भी रोकथाम के लिए प्रयास नहीं किए गए। नाला की सफाई न होने से कूड़ा व सिल्ट जमा है। बीते वर्ष बाढ़ आई तो नाले का पानी कचरा समेत घरों में भर गया था।
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वैसेे तो नाला सफाई की जिम्मेदारी बाढ़ खंड की है, लेकिन शहर के बीच से नाला गुजरने की वजह से लोग नगरपालिका से सफाई की मांग करते रहे हैं। बीते वर्ष घरों में पानी भर जाने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर नगरपालिका ने नाला सफाई कराई थी, लेकिन हालात फिर जस के तस हो गए हैं। वहीं, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट आने पर कार्य कराया जाएगा।
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