राम मनोहर लोहिया विवि फैजाबाद ने जनेस्मा में स्नातक की 952 सीटेें कम करके छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले साल तक यहां पर स्नातक में 1572 सीटों पर प्रवेश होता था। जो अब घटकर छह सौ रह गया है। इस साल इंटरमीडिएट में लगभग 25 हजार छात्र पास हुए हैं।
जिले का सबसे पुराना और बड़ा कॉलेज होने के कारण यहां पर प्रवेश के लिए हर साल मारामारी रहती है। दर असल विवि प्रशासन ने इस बार प्रवेश लेने का नियम बदल दिया है। पहले कॉलेज में एक शिक्षक पर 60 छात्रों का प्रवेश होता था, लेकिन नये नियम के अनुसार कॉलेज में एक विषय पर 60 छात्रों का प्रवेश होगा।
जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई। इस साल इंटरमीडिएट में लगभग 25 हजार छात्र पास हुए हैं। हर साल यहां प्रवेश के लिए होड़ मची रहती है, लेकिन इस बार सिर्फ 600 छात्रों को ही प्रवेश मिलेगा। दरअसल डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद ने इस साल स्नातक में प्रवेश का नियम बदल दिया है जिससेे कॉलेज में 952 सीटें कम हो गई हैं। पहले जहां 1572 छात्रों का प्रवेश होता था अब सिर्फ 600 सीटों पर प्रवेश होगा। अवध विवि ने एक झटके में 62 फीसदी सीट घटा दी।
अब कहां जाएं हम
विवि के इस फैसले से छात्रों में जबरदस्त आक्रोश है। पहले दिन काउंसलिंग कराने आए राजेश सिंह ने कहा कि सीटें कम करके विवि ने हमें अधर में लटका दिया है। अब या तो हमें प्रवेश के लिए लखनऊ या आसपास जिले में जाएं या फिर किसी बेकार कालेज में दाखिला लें। प्रियंका यादव ने कहा कि अगर सीटें घटानी थी तों पहल ही घटा देते। अब ऐन वक्त पर हम प्रवेश के लिए कहां जाएं।
प्रत्येक विषय में सिर्फ 60 सीट पर प्रवेश
जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, समाज शास्त्र, शिक्षा शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, मध्यकालीन इतिहास व शारीरिक शिक्षा विषयों का पठन पाठन किया जाता है। इस शिक्षा सत्र से डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद ने प्रत्येक विषय में सिर्फ 60 छात्रों का प्रवेश का आदेश दिया है जिससे इस कॉलेज में सिर्फ 600 छात्रों का प्रवेश लिया जाएगा। अभी तक नियम यह था कि कॉलेज में प्रत्येक शिक्षक पर 60 छात्रों का प्रवेश लिया जाता था। यहां पर 26 शिक्षक कार्य कर रहे हैं।
जनेस्मा के चीफ प्रॉक्टर डॉ. राजेश मल्ल ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विषय के आधार पर छात्रों के प्रवेश लिए जाने के निर्देश दिए हैं। एक विषय पर सिर्फ 60 छात्रों का प्रवेश लिया जाएगा। ऐसे में जनेस्मा में सिर्फ 600 छात्रों का प्रवेश लिया जाएगा। जैसा विश्वविद्यालय प्रशासन का आदेश है हमें वैसे ही करना पड़ेगा।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का केंद्र खुला
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने जुलाई 2015 से जवाहर लाल नेहरू स्नातकोतर महाविद्यालय में अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र पर बीए व एमए और बीएससी के छात्र अध्ययन कर सकेंगे। जवाहर लाल नेहरू स्नातकोतर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव ने बताया कि महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. छत्रपाल सिंह को केंद्र का कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इस केंद्र पर बीए व एमए में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, संस्कृत, उर्दू व इतिहास़ और बीएससी में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान व गणित, बीजे, बीबीए व बीसीए की मान्यता है। प्रवेश ऑनलाइन होंगे। छात्र 25 जुलाई से 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पहले दिन114 छात्रों ने कराई काउंसलिंग
जवाहर लाल नेहरू स्नातकोतर महाविद्यालय में शुक्रवार को पहले पहले बीए प्रथम वर्ष की काउंसलिंग में 114 छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। सभी ने अपने शैक्षिक प्रपत्रों की जांच कराई। सहूलियत के लिहाज से छात्र-छात्राओं के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे।
जवाहर लाल नेहरू स्नातकोतर महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष में काउंसंलिंग को लेकर शुक्रवार को काफी गहमा-महमी रही। कॉलेज में प्रवेश के लिए सुबह नौ बजे से ही छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटने लगी। काउंसलिंग के लिए छात्र-छात्राओं के अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे।
पहले दिन काउंसलिंग में 306 छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। पूर्वांह ग्यारह बजे से काउंसलिंग शुरू हुई। देरी से काउंसलिंग शुरू होने से पहले दिन 114 छात्र-छात्राओं के प्रपत्रों की जांच की जा सकी है सुरक्षा के लिहाज से कॉलेज गेट पर सुरक्षा गार्ड सर्तक रहे। गेट के अंदर वाहनों के ले जाने से रोकने से कुछ छात्रों का सुरक्षा कर्मियों से विवाद भी हुआ। पर शिक्षकों ने उन्हें समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।