बाराबंकी। शहर की बदहाल बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को 13 करोड़ के खर्च से पटरी पर लाया जाएगा। इसकी मदद से सप्लाई लाइन को विस्तारित किए जाने के साथ ही 45 नए ट्रांसफार्मर लगवाने के साथ ही 40 पुराने ट्रांसफार्मर की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। इससे आने वाली गर्मी में निर्बाध तौर पर बिजली आपूर्ति मिलने से साढ़े तीन लाख की आबादी के साथ ही शहर से सटी औद्योगिक इकाइयों को भी बिजली संकट से होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत पडरा से पल्हरी बिजली उपकेंद्र तक 33केवीए की नई लाइन भी बिछाई जाएगी।
बाराबंकी शहर में छह बिजली उपकेंद्र से करीब 60 हजार उपभोक्ता को बिजली आपूर्ति की जाती हैं। अधिक भार, जर्जर तार, नवविकसित कॉलोनी में बढ़ रहे उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत पावर कार्पोरेशन को बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 13 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके माध्यम से बिजली कटौती, ओवरलोडिंग, लो वोल्टेज की समस्या में कमी लाने के साथ ही लाइन फाल्ट और सप्लाई लाइन के टूटने से होने वाले हादसों में कमी लाने का काम होगा। इसके लिए गार्डिंग, जंपरिंग और इंसुलेटर लगाने के साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में 45 नए ट्रांसफार्मर लगाने के साथ ही 40 पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा चंदौली से ओवरी तक अतिरिक्त खंभे लगाने के साथ ही सप्लाई लाइन को भी विस्तारित कराया जाएगा।
एलटी प्रोटेक्शन यूनिट रोकेगा ब्रेक डाउन
पल्हरी व ओबरी में 110 ट्रांसफार्मरों पर एलटी प्रोटेक्शन यूनिट (लो टेंशन लाइन वोल्टेज की सुरक्षा इकाई) लगाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे ट्रांसफार्मरों के फुंकने से होने वाली ब्रेक डाउन की समस्या को प्रभावी स्तर पर रोका जा सकेगा।
शहर में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 13 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके तहत होने वाले काम से शहर की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही लाइन फाल्ट की समस्या पर भी प्रभावी तौर से नियंत्रण लगेगा। इसका सीधा फायदा साढ़े तीन लाख के आबादी क्षेत्र को मिलेगा।
सुभाष चंद्र मौर्य, अधिशासी अभियंता बाराबंकी डिवीजन