बाराबंकी। कार्डधारकों में वितरण के लिए कोटे की दुकानों पर भेजा गया 40 क्विंटल गेहूं और 18 क्विंटल चावल खराब मिला है। डीएम ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर जांच के बाद अनाज बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सूरतगंज में राशन की दुकानों पर खराब गेहूं और फिर मिलावटी चावल भेजे जाने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उजागर किया था।
जिसका संज्ञान लेते हुए डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी ने एक साथ 88 दुकानों की जांच कराई। इनमें 40 क्विंटल गेहूं और 18 क्विंटल चावल खराब मिला है। इसके बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अमरई और देवकली गांव का अनाज बदल भी दिया गया है। अन्य दुकानों को अनाज बदलने का कार्य चल रहा है। जिला विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अनाज बदलने के लिए एफसीआई के अधिकारियों से बात की गई है। सारा खराब अनाज बदला जाएगा।
एफसीआई के अंदर अनाज को किसी तरह से इधर-उधर किया जाता है, इसका वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारी भी सकते में हैं। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। जानकारी में आया है कि जिला प्रबंधक नितिन कुमार बृहस्पतिवार को मामले की जांच करने के लिए आए थे। खराब गेहूं और चावल कहां से आया और कोटे की दुकानों तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच के लिए भी एफसीआई स्तर पर टीम बनाई गई है।