डेंगू की चपेट में आकर सोमवार को पूर्व सरकारी वकील समेत चार लोगों की मौत हो गई। इनमें से तीन का लखनऊ के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा था जबकि एक युवक को लखनऊ रेफर किया गया था, जिसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं नौ अन्य मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। ज्यादातर मरीज लखनऊ के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं वहीं कुछ जिला अस्पताल में भर्ती हैं। डेंगू से अब तक जिले में 17 मौत हो चुकी है।
डेंगू का प्रकोप दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। डेंगू की चपेट में आकर शहर के सरावगी मोहल्ला निवासी पूर्व शासकीय अधिवक्ता रामकुमार निगम (68) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। अधिवक्ता के पुत्र योगेश कुमार निगम ने बताया कि हालत में सुधार नहीं होने पर एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
रविवार देर शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों ने डेंगू से मौत होने की बात कहीं है। वहीं सिद्धौर क्षेत्र के बेडहरी निवासी फहीम (35) पुत्र अहमद भी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित चल रहा था। जांच रिपोर्ट में डेंगू पाए जाने पर उपचार के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां सोमवार को मौत हो गई।
उधर हैदरगढ़ कस्बा निवासी देवेश सिंह (19) की डेंगू के कारण मौत हो गई। वह पिछले चार दिनों से अमेठी के इंडो गल्फ अस्पताल में भर्ती थे। सुधार न होने पर सोमवार को डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर किया था। लखनऊ ले जाते समय तबीयत खराब होने पर घरवाले हैदरगढ़ सीएचसी पर दिखाने के लिए रुके । जहां इलाज के दौरान देवेश ने दम तोड़ दिया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम टेलुवा निवासी संतोष रावत (24) की भी डेंगू से लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसके अलावा जैदपुर कस्बे के गढ़ी कदीमी निवासी एक ही परिवार के चार लोग लालजी गुप्ता, भाई संजय गुप्ता इनकी पत्नी वंदना और पुत्री माही तथा गोपाल भी बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। परिवारीजनों ने बताया जांच में डेंगू पाए जाने पर सभी को उपचार के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी प्रकार शहर की मलिन बस्ती निवासी संगीता पुत्री रामसरन, चौखंडी निवासी जावेद और शहनाज भी डेंगू रोग से पीड़ित पाए गए हैं। इन सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सतरिख कस्बा निवासी अहमद व सुजीत कुमार भी डेंगू से पीड़ित हैं। दोनों लखनऊ के निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।