बाराबंकी। देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को बाराबंकी से बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खाते मिल रहे हैं। महज 10 से 20 फीसदी कमीशन के लालच में बेरोजगार युवक अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को सौंप रहे हैं। इन्हीं खातों के जरिये करोड़ों रुपये की ठगी की रकम देशभर में इधर-उधर की जा रही है।
साइबर अपराध की निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खाते और मोबाइल नंबर चिह्नित होते हैं। इसके बाद संबंधित जिले की पुलिस उनके धारकों का सत्यापन करती है। बीते दो तीन महीनों की समीक्षा के बाद साइबर सेल ने ऐसे 345 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन शुरू किया है।
जांच में अब तक आठ मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी खातों पर कार्रवाई हो सकती है। शुक्रवार को हैदरगढ़, कोठी, सुबेहा व लोनीकटरा पुलिस ने पांच मोबाइल धारकों को बुलाकर पूछताछ की। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि जिले में 345 संदिग्ध खातों की जांच चल रही है।
लोगों से अपील की गई है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना उन्हें भी साइबर अपराध के मामले में आरोपी बना सकता है।