बाराबंकी। जमीन की पैमाइश तो कोई मुकदमे में गवाही न देने की धमकी, कोई पेंशन व सम्मान निधि न पाने की गुहार लगा रहा था। सोमवार को सदर से लेकर जिले की सभी तहसीलों में 331 फरियादी अपना दर्द लेकर समाधान दिवस में पहुंचे। सिर्फ 19 फरियादियों को ही तुरंत न्याय मिल पाया।
नवागत डीएम शशांक त्रिपाठी का जिले में यह पहला तहसील समाधान दिवस रहा। वह कुछ समय के लिए पहुंचे पर प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम होने के कारण अपने मातहत अफसरों को गंभीरता के साथ समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश देकर चले गए।
सदर तहसील में शनिवार को होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस घरौनी वितरण के कारण सोमवार को आयोजित किया गया।
सोमवार को सदर तहसील में डीएम व एसपी के अलावा जिले के सभी विभागों के अध्यक्ष पहुंचे। जबरीकलां मजरे माधवपुर निवासी रामबली, देवा के महरौड निवासी सहजराम ने पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि कई बार फरियाद कर चुके हैं पर समस्या जस की तस बनी हुई है।