टीबी मरीजों को सात अंकों
की जारी की जाएगी आईडी
क्रासर
- नि:शुल्क इलाज के साथ पौष्टिक आहार का मिलेगा भत्ता
- निक्षय-2 पोर्टल से लिंक होगा एचआईवी का 99डाट्स पोर्टल
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2025 तक देश से क्षय रोग (टीबी)को पूरी तरह से ख़त्म करने के संकल्प को साकार करने को लेकर निक्षय-2 पोर्टल लांच किया गया गया है। इस पोर्टल पर मरीज का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा कि उसे दवाई मिल रही है या नहीं। आटोमेटिक इस पोर्टल पर सीबीनैट मशीन की जांच रिपोर्ट लिंक करते ही पहुंच जाएगी। टीबी मरीजों को पोर्टल पर सत्यापन करते ही उनका बैंक डिटेल भी अपडेट हो जाएगा और इलाज शुरू होने के साथ ही उन्हें पांच सौ रुपये मासिक की पौष्टिक आहार राशि भी मिलने लगेगी।
सरकारी व निजी चिकित्सकों के यहां इलाज कराने पर पोर्टल काफी कारगर होगा। इस पोर्टल को मोबाइल व टैबलेट पर अपलोड कर मरीज के इलाज की जानकारी हो जाएगी। इसके अलावा लैब व केमिस्ट भी एक ही जगह टीबी मरीज का सत्यापन कर सकेंगे। एचआईवी मरीजों के विवरण संबंधी पोर्टल 99 डाट्स को भी इसी पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे टीबी और एचआईवी मरीजों की जानकारी एक ही जगह मिल सके। पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर मरीजों की जानकारी पहुंचते हुए आधार से लिंक बैंक खाते में पौष्टिक आहार राशि पहुंच जाएगी।
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टोल फ्री नंबर से मिलेगी दवा की जानकारी
एसटीएम शिशिर श्रीवास्तव बताते हैं कि अब यह व्यवस्था भी होने जा रही है कि दवा के पैकेट के साथ एक टोल फ्री नंबर होगा, जिस पर फोन करके बताना होगा कि मरीज ने दवा ले ली है। एचआईवीके मामले में यह व्यवस्था पहले से थी। आने वाले समय में पैकेट पर चिप की सुविधा भी कर दी जाएगी। इससे पैकेट खोलते ही पता चल सकेगा की मरीज ने दवा खाई है या नहीं।
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जारी होगी संख्यात्मक डिजिटल आईडी
निक्षय पोर्टल-2 में पर लिंक होने के बाद टीबी मरीज का सत्यापन होगा। उसके साथ ही मरीज को सात अंकों की एक डिजिटल आईडी आवंटित कर दी जाएगी। इस आईडी के जरिये देश में कहीं भी होने पर वहां के अस्पताल से दवाई मिल जाएगी। इस आईडी नंबर से मरीज का फालोअप करने में आसानी होगी।
वर्जन
पहले निक्षय-1 पोर्टल पर मरीजों को लिंक किया गया था। प्रधानमंत्री ने नए वर्जन का निक्षय-2 पोर्टल लांच कराया है। इस पोर्टल से एचआईवी व टीबी मरीजों की संख्या एक ही स्थान से मिल जाएगी।
- एके वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी