बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने और शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान में एक बार फिर शिक्षकों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्रेरणा पोर्टल के जरिये जिले के विभिन्न ब्लॉक क्षेत्रों में की गई आकस्मिक जांच के दौरान अलग-अलग स्कूलों से 23 शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षा मित्र और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए हैं। इनको नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।
बीएसए की ओर से गठित टीमों ने पिछले एक पखवारे में जिले के बनीकोडर, दरियाबाद, मसौली, सिद्धौर, सिरौलीगौसपुर और सूरतगंज ब्लॉक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चेकिंग की। खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों की ओर से प्रेरणा एप के माध्यम से की गई इस पड़ताल में कई विद्यालयों में ताले लटके मिले तो कहीं पढ़ाने वाले शिक्षक ही नदारद दिखे।
जांच के दौरान बनीकोडर और दरियाबाद के मेधुवा व राजेपुर स्कूलों से अनुदेशक सतीश कुमार सिंह, अनीता कुमारी, सावित्री कुमारी और सहायक अध्यापिका अर्चना व नीतू वर्मा अनुपस्थित पाई गईं। वहीं नरगोरा, खजुरी और मियांगंज से शिक्षा मित्र रागनी, आरजू सिंह और अनुदेशक आशा कुमारी गैरहाजिर मिले। मसौली व सूरतगंज ब्लॉक के मुबारकपुर, रसौली, सैदाबाद, जावरीपुर, सरसंडा, सय्यिन पुरवा, कुड़वा और बल्लोपुर विद्यालयों से सहायक अध्यापक इन्द्रा प्रीत कौर, बबली देवी, अनुज बैसवार, अभिलाषा सिन्हा, अशोक कुमार शुक्ला, सुशील कुमार यादव, चंद्रेश कुमार, अनुदेशक पूनम यादव, शालिनी रावत, अमरीश कुमार यादव, सुशील कुमार वर्मा, शिक्षा मित्र राजेश कुमार तथा चपरासी अर्पण परिहार ड्यूटी से गैरहाजिर मिले।
इसके साथ ही सिद्धौर के कोटवा से सहायक अध्यापिका मंजू वर्मा और सिरौलीगौसपुर के परसा-दो से शिक्षा मित्र लक्ष्मी देवी भी निरीक्षण के दौरान विद्यालय से नदारद मिलीं। बीएसए ने सभी 23 लापरवाह शिक्षक और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि प्रेरणा पोर्टल के निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए सभी 23 कर्मियों को मानव संपदा पोर्टल के जरिये नोटिस भेजकर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। नियत समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।