कोटवाधाम। मंगलवार की दोपहर कोटवाधाम में अचानक वाहनों के चक्के थम गए। एक तरफ साप्ताहिक मेले में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़, तो दूसरी तरफ 10 से ज्यादा स्कूलों की एक साथ हुई छुट्टी। देखते ही देखते कोटवाधाम चौराहे से अरियामऊ मोड़ तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
इस दौरान सनावा मार्ग पर आधा घंटा तक सन्नाटा नहीं, सिर्फ हॉर्न का शोर गूंजता रहा। करीब 1:30 बजे जैसे ही इस मार्ग पर संचालित दस से अधिक सरकारी व निजी स्कूलों की एक साथ छुट्टी हुई तो सड़क पर सिर्फ स्कूली बच्चे व बेतरतीब से खड़े स्कूली वाहनों ने ट्रैफिक संचालन पूरी तरह जाम कर दिया। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए न तो स्कूलों के गार्ड दिखे और न ही कोई पुलिस कर्मी। जाम के चलते पैदल चल रहे राहगीरों के साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले तमाम वाहन जाम में फंस कर अव्यवस्था को कोसते नजर आए।
पुलिस का पुराना फॉर्मूला पड़ा सुस्त
कोटवाधाम में ट्रैफिक जाम की यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले वर्ष बदोसराय पुलिस ने विद्यालय संचालकों के साथ बैठक के बाद स्कूलों की छुट्टियों के समय में 10 से 20 मिनट का फासला तय कराया था। कुछ दिन तक तो व्यवस्था पटरी पर रही, लेकिन अब संचालकों की मनमानी से सभी स्कूल फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं। बदोसराय एसएचओ राम अवतार सरोज ने बताया कि जल्द ही संचालकों के साथ दोबारा बैठक कर समय-सारणी में अंतर कराया जाएगा।