जिले की नोडल अधिकारी ने दौरे के दूसरे दिन रामसनेहीघाट के गांव में लगाई चौपाल, सुनीं समस्याएं
रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। जिले की नोडल अधिकारी महानिदेशक प्रशिक्षण अनीता भटनागर जैन बृहस्पतिवार को भी जिले के निरीक्षण पर रहीं। इस दौरान उन्होंने रामसनेहीघाट के गांव दुल्हदेपुर में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
इसके बाद फायर स्टेशन, तहसील और कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर कई बार नाराजगी भी जताई। इस दौरान पाया कि कोटे की दुकान का एक साल से सत्यापन न किए जाने पर आपूर्ति निरीक्षक और सत्यापन कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
प्राथमिक विद्यालय पहुंच बच्चों से सवाल किए और शिक्षकों से बच्चों को पढ़ाने के तरीके की जानकारी ली। वहीं मुन्नूपुरवा गांव में विकास कार्य न कराए जाने पर अधिकारियों को जांच के आदेश दिए।
महिलाओं ने की मनरेगा में काम न मिलने की शिकायत
जिले की नोडल अधिकारी सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पूरे प्रशासनिक अमले के साथ रामसनेहीघाट के दुल्हदेपुर गांव पहुंचीं। इस दौरान चौपाल लगा लोगों की समस्याएं सुनी। अधिकारियों से कहा कि कैंप लगाकर किसानों को मृदा परीक्षण की जानकारी दी जाए।
यहां पर मौजूद रामरती और रामदुलारी से खेतों के समतलीकरण की जानकारी ली तो बताया कि नहीं हुआ। यहीं के मजरे मुन्नूपुरवा से आई फूलमती, रामावती और फुलझारा ने बताया कि मनरेगा के तहत कार्य मांगने के बाद भी कार्य नहीं दिया जाता है और गांव में कोई विकास कार्य भी नहीं हुआ है।
जिस पर अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय पहुंची यहां पर शिक्षक राजेश से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी। शिक्षामित्र संगीता वर्मा से बच्चों को पढ़ाने का तरीका पूछा। जिस पर बताया कि टीएलएम विधि से पढ़ाने से बच्चों को ज्यादा समझ में आता है और वह मन लगाकर पढ़ते भी हैं।
बच्चों से भी सवाल जवाब किए। इसके बाद रसोइया कक्ष पहुंच एमडीएम की जानकारी। गांव भ्रमण के दौरान उमानाथ और बंशीलाल के दरवाजे पर बने प्रसाधन की जानकारी ली और उसके प्रयोग के निर्देश दिए तथा गांव में बने आवास भी देखे।
इसके बाद कोटेदार लखराज के दरवाजे पर पहुंची और वितरण रजिस्टर दिखाने को कहा। कोटेदार द्वारा पेश किए गए वितरण रजिस्टर का सत्यापन न पाए जाने पर खासी नाराजगी जताते हुए आपूर्ति निरीक्षक और सत्यापन कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
एफएसओ ने हथेली पर लिखी संख्या देख बताई तो जताई नाराजगी
नोडल अधिकारी दोपहर बाद रामसनेहीघाट के फायर स्टेशन पहुंचीं। यहां पर भवन का निरीक्षण करने के बाद अभिलेखों की जांच की। निर्माणाधीन भवन की छत में खामियां देख सुधार के आदेश दिए। इस दौरान बताया गया कि यहां पर वाहनों की और जरूरत है।
इसके बाद क्षेत्र में अब तक हुई आग की घटनाओं की जानकारी ली तो एफएसओ ने हाथ पर लिखी संख्या देख बताया 87 जिस पर नोडल अधिकारी नाराज हो गई और कहा यह कोई तरीका है लिखित में दीजिए। इसके बाद वह तहसील रामसनेहीघाट पहुंची।
यहां पर अभिलेखों की जांच के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका पर उनका फोटो अवश्य चस्पा किया जाए। इसके बाद धरना दे रहे किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल से भाकियू के प्रांतीय महासचिव से वार्ता की और उनकी समस्याओं को सुना।
किसानों ने बताया कि चंद्रिका नाम का यह व्यक्ति जीवित है लेकिन खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रहा है। जिस पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। इसके अलावा अन्य समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
इसके बाद कोतवाली पहुंची नोडल अधिकारी ऑनलाइन एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी ली और बैरकों की संख्या की जानकारी ली जिस पर बैरकों की कमी बताई गई। इस मौके पर डीएम अखिलेश तिवारी, एसपी अनिल कुमार सिंह, सीडीओ अंजनी कुमार सिंह, एडीएम अनिल कुमार सिंह समेत अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
किसानों ने तहसील का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
नोडल अधिकारी को समस्याएं सुनाने के लिए प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में किसान तहसील पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। धरना दे रहे किसान नोडल अधिकारी से मिलकर समस्या सुनाए जाने की मांग पर अड़ गए। यह देख जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए।
एसडीएम रामसनेहीघाट राहुल यादव मौके पर पहुंच गए लेकिन किसान वार्ता को तैयार नहीं हुए। इसी बीच एडीएम अन्य अधिकारियों के साथ किसान जहां पर धरना दे रहे थे वहीं पहुंच गए और किसानों की समस्याएं सुनी।
जिस पर यह तय हुआ किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल नोडल अधिकारी से मिलकर अपना ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद किसान शांत हुए। इस मौके पर अनिल वर्मा, हौसिला प्रसाद, शांति भूषण, प्रभाकर तिवारी, डॉ. राम सजीवन, अमर सिंह, सतीश वर्मा मौजूद रहे।