बाराबंकी। आध्यात्मिक और स्वास्थ्य चेतना को समान रूप से जगाने में श्रावण मास अनुष्ठानों और भजन पूजन में सबसे उत्तम माना जाता है। शिव तत्व में रम जाने का माह सावन महीने में जिले के लोधेश्वर महादेवा समेत एक दर्जन से अधिक शिवालयों में भक्ति और श्रद्धा का सैलाब दिखाई पड़ता है। महादेवा में सावन मेला पूरे महीने में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर शिव की आराधना को पहुंचते हैं, इसी तरह हैदरगढ़ के औसानेश्वर, नागेश्वर, मत्थेश्वर, कुंतेश्वर महादेव समेत दर्जनों मंदिरों में सफाई और पूजा पाठ की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लोधेश्वर महादेवा में तैयारियों का जायजा लेने जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी एसपी अनिल कुमार सिंह मेला परिसर पहुंचे। यहां पर मौजूद एसडीएम रामनगर को साफ-सफाई व सुरक्षा इंतजाम को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
लोधेश्वर महादेवा में सफाई कार्य चल रहा है। चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, कैलाश आश्रम में सफाई कार्य शुरू किया गया, नागेश्वरनाथ मंदिर व धनेश्वर महादेव में भी तैयारियां की जा रही हैं। फतेहपुर का महादेवा तालाब शिव मंदिर में साफ सफाई चल रही है, सावन माह में श्रीरामलीला दशहरा मंदिर में प्रतिदिन शाम छह बजे से सात बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार औसानेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी संजय गिरि ने बताया कि सावन माह में इस मंदिर के विशेष महत्व के कारण भक्तों अधिक संख्या में जलाभिषेक करते हैं।
चाक चौबंद रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
लोधेश्वर महादेवा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर व परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि 21 बैरियर बनाए जा रहे हैं। 3 सीओ, 45 एसआई, 150 सिपाही और 4 सौ होमगार्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा एक प्लाटून फ्लड पीएसी लगाई गई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं औसानेश्वर महादेवा मंदिर में 9 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। हैदरगढ़ कोतवाल पीके तिवारी ने बताया कि सुरक्षा को लेकर मंदिर परिसर व बाहर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
गुरुपूर्णिमा पर विविध आयोजन
गुरु पूर्णिमा को लेकर रविवार को कैलाश आश्रम में चरण पादुका पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। श्रद्धालु गुरु की पूजा अर्चना कर मंगलकामना करेंगे। कोटवाधाम व त्रिवेदीगंज के पूरे देेवीदास में धागाबंदी भक्त पूजा अर्चना करेंगे। वहीं गुरु पूर्णिमा पर जयगुरुदेव आश्रम में सत्संग का आयोजन किया गया है।
शिववास में पूजन का है विशेष महत्व
शिवालयों में शिववास के समय साक्षात भगवान शिव वास करते हैं। सावन के पहले सोमवार को सुबह से लेकर देरशाम तक शिववास है। कृष्णपक्ष की अष्टमी व अमावस्या शुक्ल पक्ष की द्वितीया, नागपंचमी, नवमी, एकादशी व शनि प्रदोष को शिववास है। शिववास में भगवान शिव की पूजन अर्चन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। -पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री, पुजारी मुड़कटी देवी मंदिर
इस बार पांच सोमवार
इस बार श्रावण माह में पांच सोमवार 10, 17, 24, 31 जुलाई व 7 अगस्त को पड़ रहे हैं। मिथुन राशि में सूर्य विराजमान हैं और इसी मास मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए सौभाग्य, सुख, समृद्धि की प्राप्ति के लिए शिव पूजन का विशेष महत्व है।
-प्रमोद पाठक, ज्योतिषाचार्य