बाराबंकी। सीएचसी रामसनेहीघाट में लगे 18 पेड़ काटकर गिरा दिए गए और इसकी जानकारी सीएमओ तक नहीं दी गई। इस मामले में सीएचसी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। क्योंकि अधीक्षक अपना पल्ला झाड़ते हुए पूरा ठीकरा वन विभाग पर फोड़ रहे हैं। परंतु पेड़ किसने और किसकी अनुमति पर काटे गए हैं ये बताने को कोई तैयार नहीं। सूचना पर सीएमओ ने मंगलवार को दो सदस्यीय टीम को जांच के लिए सीएचसी रामसनेहीघाट भेजा।
सीएचसी रामसनेहीघाट में लगे 18 पेड़ों को काटकर गिरा दिया गया। मगर सीएचसी में तैनात कर्मचारियों ने इसकी सूचना सीएमओ को देना मुनासिब नहीं समझा। जब मामला सुर्खियों में आया तो सीएचसी अधीक्षक समेत कर्मचारी अपने बचाव में आ गए हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संदीप तिवारी कहते हैं कि पेड़ किसने काटे, किसने कटवाए, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। हमें जो करना था हमने कर दिया।
आपको जो भी आगे की जानकारी करनी है तो इस संबंध में वन विभाग से बात करिए। मामले की जानकारी सीएमओ को दी गई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ प्रशासन और एसीएमओ जिला प्रतिरक्षण की दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के लिए सीएचसी भेजा है। सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। दो सदस्यीय टीम को मामले की जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।