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गोंडा में शामिल होंगे बाढ़ प्रभावित छह गांव

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गोंडा में शामिल होंगे बाढ़ प्रभावित छह गांव
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बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद गाेंडा के पल्हापुर चेचरी गांव पहुंचे सीएम ने बाराबंकी के डीएम व एसपी से बाढ़ प्रभावित गांवों की जानकारी ली।


अधिकारियों ने बताया कि, बाराबंकी के छह गांव गोंडा की सीमा से सटें हैं। इन गांवों को गोंडा से जल्द मदद मिल सकती है। जबकि बाराबंकी जिला मुख्यालय इन गांवों से सवा सौ किलोमीटर दूर होने से मदद में देर लगती है। इस पर सीएम ने जिलाधिकारी को ऐसे गांवों का प्रस्ताव बनाकर भेजने का आदेश दिया है।
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एल्गिन चरसड़ी तटबंध कटने की जानकारी के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद पल्हापुर चेचरी गांव पहुंचे।


डीएम उदयभानु त्रिपाठी व एसपी वीपी श्रीवास्तव भी पल्हापुर चेचरी गांव पहुंचे थे। मगर रास्तों पर पानी अधिक होने की वजह से मुख्यमंत्री तटबंध तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में पीड़ितों का सीएम से मिलने का सपना धरा का धरा रह गया।


सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर ही डीएम व एसपी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली। जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के नैपुरा, कमियार, परसावल, मांझारायपुर समेत करीब छह गांव गोंडा की सीमा से सटे हैं।


बाढ़ आने पर गोंडा जिले से इन्हें जल्द मदद मिल सकती है। जबकि बाराबंकी जिला मुख्यालय यहां से सवा सौ किलोमीटर दूर है। ऐसे में यहां तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते हैं। इस वजह से बाढ़ पीड़ितों को समय से मदद नहीं मिल पाती है।
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इस पर मुख्यमंत्री ने डीएम को ऐसे गांवों को गोंडा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि, सीएम ने जो प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है, उसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
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