बाराबंकी। जिले में पूर्व दशम और दशमोत्तर के लिए 690 शिक्षण संस्थाओं के 6473 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए शासन स्तर से स्वीकृति मिली थी। बजट के अभाव में सामान्य वर्ग के 1623 छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह गईं। ऐसे में इन विद्यार्थियों पर शिक्षा ग्रहण करने में आर्थिक मदद का जो बोझ पड़ा था, वह हल्का नहीं हो सका।
जिले में सामान्य वर्ग के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में पूर्व दशम के तहत कक्षा नौ व दस तथा दशमोत्तर के तहत बीए, बीएससी, एमएससी, एमए, बीएड, बीटीसी, आइटीआई व इंजीनियरिंग समेत 690 शिक्षण संस्थाओं के कुल 11,975 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 3,879 छात्र-छात्राओं के आवेदनों में त्रुटियां होने के चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 8096 विद्यार्थियों को लाभ देने के लिए स्वीकृति मिली थी।
बजट के अभाव में इनमें से 6473 छात्र-छात्राओं को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिल सका है जबकि 1623 छात्र-छात्राएं इसका लाभ पाने से वंचित रह गए। योजना के तहत बजट के आधार पर ही विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के प्रावधान के चलते अब इन छात्रों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में लाभ नहीं मिलेगा। नए वित्तीय वर्ष में इन्हें लाभ देेेने का प्रावधान नहीं है।
अनुसूचित जाति वर्ग के 1310 विद्यार्थियों को भी बीते वर्ष में छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिला लेकिन इस वर्ग विशेष के लिए गाइडलाइन में निहित प्रावधान के तहत इन्हें वित्तीय वर्ष 2022-23 में लाभ मिलेेगा। इस वर्ग के 19,316 विद्यार्थियों के आवेदनों को स्वीकृति मिली थी। इनमें से 18,006 विद्यार्थियों को लाभ मिल सका था।