होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। विभाग ने इस पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम गठित की है लेकिन यह टीम क्षेत्र में जाकर महज औपचारिकता निभाकर लौट आती है और आज तक किसी भी मिलावटखोर को पकड़ नहीं सकी है।
शहर से लेकर गांवों तक मिलावटी मिठाई और खोया तैयार करने के लिए अभी से ही भट्ठियां धधकने लगी हैं। होली पर सबसे ज्यादा खोया और इससे बनी मिठाइयों की बिक्री होती है। इस खोए से सबसे ज्यादा गुझिया तैयार की जाती है।
इसके अलावा खोए की बर्फी के साथ ही अन्य मिठाइयां भी बनाई जाती हैं। मिलावटी खोया बनाने का काम तेज हो गया है। शहर के साथ ही यह खोया सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों में दूधियों द्वारा तैयार किया जाता है।
इसे शहर में धनोखर, घंटाघर, नाका पैसार, बडेल चौराहा, नीम चौराहा, रामसेवक कॉलेज, रेलवे स्टेशन, ग्रीडगंज और छाया चौराहा के निकट सबसे ज्यादा खपाया जाता है। इसके अलावा फतेहपुर, देवा, विशुनपुर, इसरौली, सूरतगंज, मसौली, रानीबाजार, कोठी, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, रामसनेहीघाट, सुढियामऊ, सफेदाबाद व जैदपुर आदि में भी जमकर मिलावटी खोया तथा इससे तैयार मिठाइयों की बिक्री होती है।
होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं और अभी से ही मिलावटी खोया और मिठाई बनाने में जुट गए हैं लेकिन इस पर रोक लगाने में एफएसडीए पूरी तरह से नाकाम है। विभाग ने इस पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को लगाया है।
आरोप है कि ये अधिकारी क्षेत्र में जाते हैं और औपचारिकता निभाकर चले आते हैं क्योंकि इनकी साठगांठ से ही यह धंधा जिले भर में फल-फूल रहा है और इन्हें यह भी पता है कि यह खोया और मिठाई कहां पर तैयार की जा रही है लेकिन इनकी मिलीभगत होने की वजह से इनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मिलावटी मिठाई और खोए के साथ ही मिलावटी कचरी, पापड़ और नमकीन बनाए जाने का काम भी तेज हो गया है। शहर में तो कई स्थानों पर कचरी और पापड़ की फैक्टरियां बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। पिछले साल शहर में दो स्थानों पर छापा मारकर मिलावटी कचरी की फैक्टरी पकड़ी भी गई थी लेकिन इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाए औपचारिकता निभाकर छोड़ दिया गया।
हाल ही में चलाए गए अभियान के तहत रामनगर क्षेत्र के गोबरहा निवासी रमेश से लिया गया दूध का नमूना जांच में फेल हो गया। इसके अलावा पंचमदास कुटी से रविंद्र गुप्ता की दुकान से भरा गया दूध, नूरही का पुरवा निवासी इंद्रजीत से भरा गया दूध, कमरखा के विवेक से भरा गया पनीर, प्यारेपुर निवासी प्रदीप से भरा गया दूध का नमूना जांच में फेल हो चुका है।
ये चंद नाम तो बानगी भर हैं। इसके अलावा कई प्रतिष्ठानों से भरा गया मिठाई का नमूना भी जांच में फेल हो चुका है। इसके अलावा अभियान के दौरान धनोखर स्थित खोया मंडी से करीब 25 किलो घटिया खोया पाए जाने पर इसे नष्ट भी कराया जा चुका है क्योंकि इसी दूध से मिलावटखोर खोया और मिठाई भी तैयार करते हैं।
एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि होली पर मिलावटी खोया और मिठाई की बिक्री पर रोक लगाए जाने के आदेश सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके साथ ही एक टीम मेरे नेतृत्व में इसके खिलाफ जिले भर में अभियान भी चलाएगी। यदि कोई मिलावटी खोया और मिठाई तैयार करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।