फतेहपुर (बाराबंकी)। तालाब में डूबकर मरने वाले दो भाई व उनके साथी कस्बे में ही मदरसा व स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। मृतक दोनों सगे भाईयों के पिता सऊदी अरब में रहकर नौकरी करते थे जो अभी एक सप्ताह पहले ही वहां से घर आए है। इस घटना ने सभी परिवारों में कोहराम मचा दिया है। मौत की खबर सुनते ही परिवारीजन बदहवासी की हालत में पहुंच गए है। मां, भाई, बहन व पिता सभी रो-रो कर यही कह रहे है कि अब हमारे लाल कभी नहीं मिल सकेंगे।
फतेहपुर कस्बे में भगौली मार्ग पर तालाब में डूबकर मरने वालों में उबेद कस्बे के एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। जबकि मृतक कैफ कस्बे के ही एक स्कूल में कक्षा आठ का छात्र है। वहीं दोनों भाई दानिश व अरशद भी एक स्कूल में कक्षा आठ व दो के छात्र थे। सभी के बीच दोस्ती होने के चलते चारों एक साथ स्कूल आते जाते थे। और हमेशा साथ ही रहते थे। मृतक उबेद दो भाई व दो बहन है जिसमें बड़ा भाई परवेज, बहन निदा, आरजू है। इनके पिता उबेद मजदूरी करके अपने बच्चों की परवरिश करते थे। वहीं मृतक कैफ दो भाई थे। कैफ बड़ा था, और उसका छोटा भाई हम्माद है, उसके पिता नसीम किराने की दुकान किए हुए है। मृतक दानिश व अरशद दोनों सगे भाई थे ।जो कि सबसे छोटे थे। यह कुल चार भाई व एक बहन थे। बड़ा भाई शादाब, बहन निशा परवीन, शुऐब, मृतक दानिश व अरशद है। इनके पिता नजीर हसन सऊदी अरब में रहकर नौकरी करते थे, लेकिन अभी एक सप्ताह पूर्व वह वहां से घर पहुंचे थे। विदेश से लंबे समय तक नौकरी की घर आए नजीर हसन को जब पता लगा कि उनके दो बेटे इस दुनिया में नहीं रहे तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। इस घटना के बाद चारों परिवारों में कोहराम मचा है।