अवैध कब्जों से मुक्त होंगी
गन्ना समितियों की संपत्तियां
क्रासर
- संपत्ति सुरक्षा व सदुपयोग नीति हुई लागू
अमर उजाला ब्यूूरो
बाराबंकी। प्रदेश सरकार ने गन्ना समितियों की अचल संपत्तियों को अतिक्रमण व अवैध कब्जों से मुक्त कराने और अभिलेखों में दर्ज नहीं की गई संपत्तियों का ब्यौरा शामिल करने के लिए संपत्ति सुरक्षा एवं सदुपयोग नीति जारी कर दी है। इस संबंध में शासन की ओर से गन्ना विभाग को गाइडलाइन जारी की गई है। निर्देश मिलने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदेश सरकार की इस नीति के तहत अब गन्ना समितियों की अचल संपत्तियों पर अतिक्रमण व अवैध कब्जेदारों को चिह्नित कर अभियान चलाकर उसे खाली कराया जाएगा। साथ ही विभाग के अभिलेखों में संपत्ति के ब्यौरों को दर्ज किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले में किसी भी समिति पर वैसे तो किसी का कब्जा है और न ही अतिक्रमण फिर भी अभियान चलाकर इसकी समीक्षा की जाएगी। शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद इसे एक माह के अंदर पूरा करने के लिए विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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जिले में हैं पांच संपत्तियां
जिले में गन्ना विभाग की पांच समितियां संचालित हो रही हैं। इनमें हैदरगढ़, बड़ागांव, बाराबंकी, बुढ़वल व दरियाबाद शामिल हैं। इनमें से हैदरगढ़ को छोड़ सभी समितियों विभाग की निजी भूमि पर है। निर्देश मिलने के बाद इन चारों समितियों की संपत्तियों को डाटा तैयार करने में विभाग जुटा है।
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नई नीति लागू होने के बाद समितियों की संपत्तियों को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी समिति की संपत्तियों पर अतिक्रमण व अवैध कब्जा है तो उसे हटाया जाएगा। जल्द ही अभियान शुरू होगा।
हेमेंद्र प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।