अतर्रा। दस दिन से बुखार से पीड़ित युवती की रविवार को मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने प्राइवेट क्लीनिक के चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का गुस्सा देख निजी डाक्टर व स्टाफ क्लीनिक में ताला डालकर भाग निकले।
बदौसा थाना क्षेत्र के बंगालीपुरा निवासी लालू की 21 वर्षीय पुत्री पूनम करीब दस दिनों से वायरल बुखार से ग्रसित थी। इस बाबत पिता लालू ने बताया कि वह बीमार पुत्री का इलाज कराने नजदीक के प्राइवेट क्लीनिक में ले गया।
सात दिनों तक उसका इलाज किया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। निजी क्लीनिक के डाक्टर ने हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया। बताया कि इसके बाद पूनम को सीएचसी ले गए, जहां से डॉक्टर ने हीमोग्लोबिन की कमी बताकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
बताया कि तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने प्राइवेट डॉक्टर पर गलत इलाज किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। क्लीनिक संचालक ने देर तक मनाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने।
हंगामा और परिजनों के आक्रोश को देखकर डॉक्टर और स्टाफ क्लीनिक बंद कर भाग गए। इस बाबत थानाध्यक्ष मोहम्मद अकरम ने बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं मिली। न ही परिजनों ने कोई तहरीर दी है। बताया कि तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
तालाब में डूबकर किशोर की मौत
अतर्रा। बिसंडा थाना क्षेत्र अधरौरी गांव में घर के नजदीक बने तालाब में नहा रहे किशोर की डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। अधरौरी के राजू का 17 वर्षीय पुत्र रावेंद्र शनिवार को दोपहर तालाब में नहाने गया था।
तैरना न आने पर वह गहराई में जाकर डूब गया। आसपास के लोगों ने उसे डूबता देखा तो उसे पानी से निकालकर पीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिसंडा एसओ दिनेश सिंह ने बताया कि रावेंद्र को मिर्गी की बीमारी थी। तालाब में डूबकर मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।