बांदा। घर में घुसकर बालिका से छेड़खानी करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने तीन वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी अदायगी न करने पर एक माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में अदा की जाएगी।
कमासिन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के भाई ने कमासिन थाने में 12 अप्रैल 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 10 अप्रैल 2021 को वह और उसकी मां गेहूं काटने गए थे। घर पर उसकी तीनों बहने थीं। रात समय करीब एक बजे उसके गांव का दीपक सिंह उर्फ लिप्पू उसके घर आया और उसकी बड़ी बहन के पास बैठ गया। उसकी बहन ने उसे बुलाया तो वहां से उठकर पास के मकान में दादी के पास लेट गई।
थोड़ी देर बाद उक्त दीपक सिंह फिर उसके घर आया और उसकी 11 वर्षीय छोटी बहन के साथ अश्लील हरकत करने लगा तो उसकी बहन ने शोर मचाया। इतने में दीपक ने उसका मुंह दबाया और खींचतान में उसके गले के पास खरोंच आ गई। शोर मचाने पर दीपक सिंह गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। दूसरे दिन सुबह जब वह और उसकी मां गेहूं काटकर घर आए तो उसकी बहनों ने आपबीती बताई।
इस मामले में दोषी दीपक सिंह के विरुद्ध 29 अक्टूबर 2021 को चार्ज बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान सात गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 17 पृष्ठीय फैसले में दीपक सिंह को दोषी करार देते हुए सजा व जुर्माने लगाया।