बांदा। युवा अब गांव में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है।
डीपीआरओ अजय आनंद सरोज ने सचिवों से प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थित सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने के आदेश है। पत्र में कहा है कि जिन ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में तीन कमरे हैं, वहां पर एक कमरे में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की व्यवस्था की जाए। लाइब्रेरी में फर्नीचर, कंप्यूटर, किताबों आदि के लिए 15 वें वित्त से चार लाख रुपये दिए जाएंगे।
जिन ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में युवाओं के बैठने की जगह नहीं है वहां पर अलग से लाइब्रेरी खोलने की व्यवस्था की जाए। जिसमें 20 से 25 युवा एक साथ बैठ सके। लाइब्रेरी में प्रतियोगी पुस्तकों के साथ ही समाचार पत्र और टीवी, कंप्यूटर आदि की व्यवस्था हो। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। साथ ही उन्होंने ग्राम सचिवालयों को नियमित खोलने व जन सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को सुविधाएं दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि निरीक्षण में कोई भी ग्राम सचिवालय बंद मिला तो कार्रवाई की जाएगी।