बांदा। अनुसूचित जाति की 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी युवक को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, अन्य धाराओं में सजा सहित 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर दो माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। दोषी घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है।
कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़िता ने कोतवाली सदर में 14 मार्च 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें 13 मार्च 2020 को रात्रि 8 बजे वह शौच करने के लिए बाहर निकली थी। तभी विवेक निषाद मुंह दबाकर नाले के किनारे ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। धमकाया कि यदि किसी से बताया तो जान से मार दूंगा। पीड़िता जब लौटकर आई तो अपने माता-पिता से आपबीती बताई और 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया।
मौके पर पुलिस पहुंचकर पीड़िता को कोतवाली ले जाकर प्राथमिकी दर्ज कराई। घटना के समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष की थी। तत्कालीन विवेचक क्षेत्राधिकारी नगर आलोक मिश्रा ने 9 जून 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से 6 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के बाद न्यायाधीश ने शनिवार को 18 पृष्ठीय फैसले में विवेक निषाद को दोषी पाकर सजा सुना दी।