बांदा। सितंबर में पहली बार 24 घंटों के दौरान चित्रकूटधाम मंडल के सभी बांधों में बारिश हुई है। उधर, मध्य प्रदेश में कई दिनों से लगातार बारिश होने से गंगऊ और बरियारपुर बांधों में पानी बढ़ गया है। 24 घंटे की अवधि में इन बांधों के डिस्चार्ज में एक लाख क्यूसेक पानी का इजाफा हुआ है। गंगऊ से 1.83 लाख और बरियारपुर से 1.49 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। केन और यमुना दोनों ही नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी किनारे आबाद गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में कई दिनों से बारिश हो रही है। वहां का पानी घाटियों और नदी के रास्ते गंगऊ और बरियारपुर बांधों में पहुंच रहा है। दोनों ही बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उधर, 24 घंटों में चित्रकूटधाम मंडल के 13 बांधों में से 11 में बारिश रिकार्ड की गई है। कई दिनों से बांध क्षेत्र वर्षा से अछूते थे।
गुरुवार को गंगऊ से 82,490 क्यूसेक और बरियारपुर से 76,606 क्यूसेक पानी उफनाकर केन नदी में गिर रहा था, लेकिन शुक्रवार को इसमें तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। गंगऊ का डिस्चार्ज बढ़कर 1,83,185 और बरियारपुर का डिस्चार्ज 1,49,250 क्यूसेक जा पहुंचा है। दोनों बांधों की क्रस्टवाल के ऊपर से लगभग 10 फीट मोटी जलधारा केन नदी में गिर रही है। नतीजतन केन नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा है।
शुक्रवार शाम यह 100 मीटर का पैमाना पार कर गई। खतरे का निशान 104 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक केन के जलस्तर में अभी वृद्धि जारी रहेगी। उधर, चिल्ला घाट पर यमुना नदी भी उफान पर है। शुक्रवार को इसका पैमाना लगभग 99 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे है। नदी किनारे आबाद गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
डीएम हीरालाल ने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व विभाग तथा गांव स्तरीय कर्मचारियों को लगातार बाढ़ पर नजर रखने और राहत कार्य में जुटने का निर्देश दिया है। कहा है कि बाढ़ राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
24 घंटे के दौरान चित्रकूटधाम मंडल के बांधों में बारिश (मिलीमीटर में)
बांध बारिश कुल वर्षा जल स्तर (मीटर)
गंगऊ (छतरपुर) 22 795 225.85
रनगवां (छतरपुर) 30 453 229.15
बरियारपुर (पन्ना) 20 352 188.06
ओहन (चित्रकूट) 02 144 162.30
बरुआ (चित्रकूट) 00 331 140.72
अर्जुन (महोबा) 05 380 171.11
चंद्रावल (महोबा) 00 202 147.52
कबरई (महोबा) 30 330 149.40
मझगवां (महोबा) 30 325 220.91
उर्मिल (महोबा) 80 465 233.00
मौदहा (हमीरपुर) 02 687 143.70
गुंता (चित्रकूट) 13 345 117.95
रसिन (चित्रकूट) 15 451 141.45
मंडल में शुक्रवार की बारिश (सिंचाई विभाग के आंकड़े मिलीमीटर में)-
बांदा- 1.4 (15 जून से अब तक 898)
चित्रकूट- 19 (15 जून से अब तक 425)
महोबा- 15 (15 जून से अब तक 545)
हमीरपुर- 16 (15 जून से अब तक 566)
नदियों का जल स्तर (मीटर में)
केन (बांदा)- 101 (खतरे का निशान 104 मीटर)
यमुना (चिल्ला घाट)- 99 (खतरे का निशान 100 मीटर)
बेतवा (हमीरपुर)- 102.33 (खतरे का निशान 104.54 मीटर)
यमुना (हमीरपुर)- 102.74 (खतरे का निशान 103.63 मीटर)
यमुना व केन किनारे आबाद गांवों में अलर्ट
खप्टिहा कलां। यमुना नदी के खतरे के निशान के नजदीक आते ही प्रशासन सतर्क हो गया। शुक्रवार को पैलानी एसडीएम मंसूर अहमद ने यमुना किनारे आबाद सादी मदनपुर और तारा गांव तथा केन नदी किनारे बसे पैलानी, खप्टिहा कलां, छनिहा डेरा, सैमरा डेरा, ब्रम्हा डेरा, अमारा, बरेहटा आदि का भ्रमण किया और लोगों से सतर्क रहने को कहा। एसडीएम ने नायब तहसीलदार राजेश यादव और सभी लेखपालों तथा कानूनगो आदि राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि नदी किनारे बसे गांवों में लगातार नजर रखें और मौके पर रहे।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के बांधों से छूट रहे पानी से केन का जलस्तर बढ़ रहा है। केन का पानी यमुना में आने से यमुना भी बढ़ रही है। चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक यहां एसडीएम ने घाट का निरीक्षण किया और उन्होंने कहा कि एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। उधर, कई गांवों के लोगों का रास्ता बंद हो जाने से नावों से आवागमन किया जा रहा है।