बांदा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में रविवार को विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए परीक्षा कराई गई। इसमें 550 से ज्यादा छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस बीच तमाम बच्चे केंद्र की तलाश में भटके। देर हुई तो उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। काफी मिन्नत के बाद मौका दिया गया।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में रविवार को कक्षा छह से लेकर नौ तक के लिए दो पालियों में प्रवेश परीक्षा कराई गईं। प्रधानाचार्य कैलाश कुमार ने बताया कि कक्षा छह के लिए 306 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इसमें 261 परीक्षा में शामिल हुए। इसी प्रकार कक्षा सात में 94 में 85, कक्षा आठ के लिए 61 में 52 और कक्षा नौ में पंजीकरण कराने वाले 173 छात्रों में 160 ने प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग किया।
बताया कि परीक्षा का परिणाम एक अप्रैल को आना था, लेकिन ईद का त्योहार होने के चलते पांच अप्रैल को आएगा। समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक अवस्थी प्रवेश परीक्षा के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आश्रम पद्धति विद्यालय में शिक्षण कार्य, आवास, भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं शासन की ओर से नि:शुल्क हैं। बताया कि प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक माहौल में हुईं।
देर से पहुंचे केंद्र, मिन्नत के बाद मिला प्रवेश
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में कक्षा छह से लेकर नौ तक के लिए रविवार को प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ। इस दौरान कई प्रतिभागी छात्र देरी से केंद्र पहुंचे, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से मना कर दिया गया। अभिभावकों व छात्रों की आरजू मिन्नत के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली।
अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं-
-प्रवेश पत्र में केंद्र का पता हरदौली के नाम से था, जिससे भ्रमित होकर बबेरू स्थित हरदौली गांव पहुंच गए। वहां से जानकारी मिलने पर वापस मुख्यालय आएं, जिस कारण देरी हो गई। प्रधानाचार्य से अनुनय विनय के बाद पुत्र को केंद्र में प्रवेश मिल सका।
-सुरेश द्विवेदी, नरैनी
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोजने में काफी समय लग गया। केंद्र पहुंचने में देरी होने से पुत्र को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। काफी आरजू-मिन्नत के बाद परीक्षा में शामिल होने दिया गया।
-मनोज कुमार, गिरवां